कीर्ति आजाद लाइसेंसी पिस्तौल के लिए करेंगे आवेदन, टीएमसी नेताओं पर अंडे से हो रहे हमलों को बताया कारण
कोलकाता, 17 अगस्त (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने सोमवार को कहा कि उन्होंने आत्मरक्षा के लिए लाइसेंसी पिस्तौल के लिए आवेदन करने का फैसला किया है। यह फैसला पार्टी नेताओं पर कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा बार-बार अंडे फेंककर किए जा रहे हमलों को देखते हुए लिया गया है।
मीडिया से बात करते हुए, बर्धमान-दुर्गापुर निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल सांसद ने कहा, "हर किसी को आत्मरक्षा का अधिकार है। इन हालात को देखते हुए, मैं अब सुरक्षा के लिए कानूनी हथियार हासिल करने के वास्ते हथियार लाइसेंस के लिए आवेदन करने को मजबूर हूं। मैंने सुरक्षा के लिए पिस्तौल चुनी है। हमें भी अपनी रक्षा करने का अधिकार है।"
सोमवार को कीर्ति आजाद अपने संसदीय क्षेत्र गए। अपने संसदीय क्षेत्र के लिए विभिन्न योजनाओं के बारे में बात करते हुए, 1983 विश्व कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य ने भाजपा पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, "उन्होंने स्कूलों में अंडे देना बंद कर दिया। अब लोगों को अंडों से मारा जा रहा है। हम भी अपनी सुरक्षा के लिए पिस्तौल का लाइसेंस ले रहे हैं। हम डरने वाले लोग नहीं हैं। हमने भारत के लिए क्रिकेट खेला। हमने भारत माता के सम्मान के लिए क्रिकेट खेला।"
उन्होंने विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी पर भी निशाना साधा, जो तृणमूल विधायकों के बागी गुट का नेतृत्व करते हैं। उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि ऋतब्रत ने क्या किया, उन्होंने फोन पर क्या कहा, उन्होंने किसके दबाव में क्या किया।"
सोमवार को सांसद ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में कई जगहों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि शाम को वे पार्टी सदस्यों के साथ बैठक करेंगे। मंगलवार को भी उनका एक कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के बाद उनकी पार्टी एक अभियान के साथ फिर से सड़कों पर उतरेगी।
तृणमूल सांसद ने पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "बंगाल में हालात बहुत खराब हैं। अफ्रीका में भी ऐसे हालात नहीं हैं। वहां, समुद्री लुटेरे समुद्र में घूमते हैं। और यहां, लुटेरे और डकैत हर जगह शहर, घर और सड़क पर घूमते हैं।"
कीर्ति आजाद की हथियार वाली टिप्पणी के जवाब में, भाजपा के दुर्गापुर पूर्व विधायक चंद्र शेखर बनर्जी ने कहा, "अगर वे हथियार वगैरह रखने की बात करते हैं, तो हम उन्हें बिहार पहुंचा देंगे।" उनका इशारा कीर्ति आजाद के पड़ोसी राज्य से होने की ओर था।
विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सरकार बदलने पर, पुलिस ने जबरन वसूली, मारपीट, छेड़छाड़ और डराने-धमकाने सहित विभिन्न आरोपों में बड़ी संख्या में तृणमूल नेताओं, पूर्व मंत्रियों और पार्षदों को गिरफ्तार किया। ज्यादातर मामलों में, जब पुलिस उन नेताओं को ले जा रही थी, तो गुस्साई भीड़ ने उन पर अंडे फेंके। कई मौकों पर, लोगों ने गिरफ्तार तृणमूल नेताओं पर अंडे फेंकते हुए 'चोर' के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने अंडे फेंकने की इस हरकत को 'एग थेरेपी' का नाम दिया है।
--आईएएनएस
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