केएस भरत को संन्यास लेने से रोकने की कोशिश की, लेकिन वह फैसला कर चुके थे: एमएसके प्रसाद
नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। भारत के पूर्व विकेटकीपर और मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज केएस भरत को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मनाने की कोशिश की थी, लेकिन आंध्र प्रदेश के इस खिलाड़ी ने आगे बढ़ने का मन बना लिया था। प्रसाद ने इस फैसले को चौंकाने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
गुरुवार शाम एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में 32 वर्षीय केएस भरत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। भरत को पहली बार नवंबर 2019 में भारतीय टीम में बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने फरवरी 2023 में टेस्ट पदार्पण किया, जब कार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद ऋषभ पंत रिकवरी के दौर से गुजर रहे थे।
आईएएनएस से विशेष बातचीत में प्रसाद ने कहा, "मुझे इस बारे में जानकारी थी, क्योंकि यह मेरे लिए बेहद हैरान करने वाली बात थी। मैंने उनसे बात करने की भी कोशिश की, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि वह आगे बढ़ना चाहते हैं। मैंने उन्हें अंडर-13 स्तर से बढ़ते हुए देखा है, इसलिए जब उन्होंने यह फैसला बताया तो मुझे वास्तव में झटका लगा। लेकिन अब क्या किया जा सकता है, यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।"
उन्होंने आगे कहा, "दरअसल, मैंने भी 31 वर्ष की उम्र में संन्यास लिया था, लेकिन भरत ने अब अपना मन बना लिया है। शायद उन्हें लगा कि अब आगे बढ़ने का समय आ गया है और संभवतः वह किसी दूसरी चीज पर ध्यान देना चाहते हैं। मैंने उन्हें समझाने की पूरी कोशिश की और उनसे बात भी की, लेकिन वह अपने फैसले पर अड़े हुए थे।"
भरत को 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ कानपुर टेस्ट में भी याद किया जाता है, जब ऋद्धिमान साहा की गर्दन में अकड़न होने के बाद उन्होंने विकेटकीपिंग संभाली थी। उस मैच में उन्होंने दो कैच पकड़े थे और एक स्टंपिंग भी की थी। हालांकि विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी के कारण फरवरी 2024 में अपने घरेलू मैदान विशाखापत्तनम में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा टेस्ट खेलने के बाद उन्हें दोबारा भारतीय टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली।
भरत ने सात टेस्ट मैच खेले, जिनमें 2023 का आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल 2023 भी शामिल था। उन्होंने 20.09 की औसत से 223 रन बनाए, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 44 रन रहा। इसके अलावा उन्होंने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के लिए 10 मैच खेलते हुए 199 रन बनाए।
प्रसाद ने कहा, "मुझे लगता है कि उनमें वापसी करने की क्षमता अभी भी बाकी थी। वह शानदार विकेटकीपर थे, इसमें कोई दो राय नहीं है। उनके हाथ बेहद सुरक्षित थे और वह अच्छे बल्लेबाज भी थे, क्योंकि मैंने उन्हें अंडर-13 स्तर से आगे बढ़ते देखा है। लेकिन अब उनके कुछ और विचार हैं और हमें उनके फैसले का सम्मान करना होगा।"
इस बीच सोशल मीडिया के एक वर्ग में अटकलें लगाई जा रही थीं कि भरत भविष्य में यूएई का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। दावा किया गया कि पिछले महीने उन्हें कुछ प्रशिक्षण सत्रों में यूएई टीम के साथ अभ्यास करते देखा गया था।
हालांकि सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि इन अटकलों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि भरत उस समय दुबई में थे और अभ्यास या ट्रेनिंग के उद्देश्य से यूएई राष्ट्रीय टीम के साथ कुछ सत्रों में शामिल हुए थे, लेकिन इससे अधिक कुछ नहीं था।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के नियमों के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी किसी दूसरे देश के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना चाहता है, तो उसे उस देश की नागरिकता या निवास संबंधी पात्रता पूरी करनी होती है। साथ ही अपने पूर्व देश के लिए खेले गए आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच की तारीख से तीन वर्ष का अनिवार्य कूलिंग-ऑफ पीरियड भी पूरा करना होता है।
इससे पहले भारत की अंडर-19 टीम और उत्तर प्रदेश के पूर्व बल्लेबाज अक्षदीप नाथ ने इस वर्ष नेपाल में खेले गए आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लीग-2 मुकाबलों में यूएई के लिए पदार्पण किया था। उन्होंने पिछले वर्ष लखनऊ से दुबई स्थानांतरित होने के बाद यूएई की नागरिकता हासिल की थी।
--आईएएनएस
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