☰
×

कर्नाटक: नाव के कोल्ड स्टोरेज में जहरीली गैसों के कारण दो और मछुआरों की मौत

 

कारवार, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। कारवार तालुका और जिले के मुदागा फिशिंग हार्बर में एक मछली पकड़ने वाली नाव के कोल्ड स्टोरेज कंपार्टमेंट की सफाई के दौरान, ओडिशा के दो मछुआरों की कथित तौर पर जहरीली गैसों के कारण मौत हो गई।

इस घटना के बाद एक और मछुआरा गंभीर रूप से बीमार हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जबकि दो अन्य मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया गया।

यह दुखद घटना 'मूकाम्बिका' नाम की मछली पकड़ने वाली नाव पर हुई, जो बेलेकेरी में स्थित है। मछुआरों द्वारा 'चमन' मछली पकड़ने के बाद यह नाव मुदागा बंदरगाह पर लौटी थी।

बंदरगाह पर पहुंचने के बाद, मछुआरों ने नाव के स्टोरेज कंपार्टमेंट से पकड़ी गई मछलियों को बाहर निकाला और कोल्ड स्टोरेज यूनिट की सफाई शुरू की।

रिपोर्टों के अनुसार, ओडिशा के रहने वाले 21 वर्षीय पुरंदर बिसारा और 24 वर्षीय आकाश नाइक जहरीले माहौल में फंस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

एक अन्य मछुआरा, 41 वर्षीय लालिंदर ध्रुवा, जहरीली गैसों की चपेट में आकर गंभीर रूप से प्रभावित हो गया। उसे तुरंत कारवार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इमरजेंसी इलाज चल रहा है।इस घटना में शामिल दो अन्य मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया गया।

सफाई के दौरान, कंपार्टमेंट से जहरीली गैसें और तेज बदबू निकलने लगी, जिससे मछुआरों का दम घुटने लगा। इस घटना ने मछली पकड़ने के बाद स्टोरेज कंपार्टमेंट की सफाई करने वाले मछुआरों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

यह दुखद घटना कारवार जिले के कुमटा तालुक स्थित तदादी बंदरगाह पर हुई एक ऐसी ही घटना के ठीक तीन दिन बाद हुई है। उस घटना में भी 'चमन' मछली से निकलने वाली जहरीली गैसों और तेज बदबू की चपेट में आने से तीन मछुआरों की जान चली गई थी।

मंगलवार शाम को, ये तीनों मछुआरे एक मछली पकड़ने वाली नाव की सफाई कर रहे थे, तभी नाव के अंदर सड़ी हुई मछलियों से निकली जहरीली गैसों के कारण उनका दम घुट गया और उनकी मौत हो गई।

कुमटा तालुका के रहने वाले तीनों मछुआरों की मौत हुई, जिनमें कागल गांव के नौशाद अली राजा (35), ओन्हाली के अमन अयूब लंगाडू और उंचाली के अमीर अब्दुल की मंगलवार शाम को मौत हो गई। वे 'खुजैना' नाम की एक 'पर्स सीन' नाव पर गए थे, जो कुमटा तालुक के ही वनहाली निवासी कासिम की है।

गोकर्ण पुलिस ने बताया कि वे गोवा की तरफ गए थे, जहां उन्होंने 'चमन' नाम की मछली पकड़ी, जो 24 घंटे के भीतर खराब हो जाती है। मछली काफी मात्रा में पकड़ी गई थी लेकिन तदादी बंदरगाह पहुंचने में उन्हें एक दिन की देरी हो गई। तब तक, सारी मछलियां खराब हो चुकी थीं।

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम