भारत में चालू खरीफ सीजन में कुल बुआई का रकबा 119 लाख हेक्टेयर के पार
नई दिल्ली, 22 जून (आईएएनएस)। भारत में चालू खरीफ सीजन में कुल बुआई का रकबा इस साल 19 जून तक बढ़कर 119.90 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 117.95 लाख हेक्टेयर था। यह जानकारी कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी डेटा में दी गई।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक धान की खेती का रकबा बढ़कर 12.36 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल इसी अवधि के 8.09 लाख हेक्टेयर के आंकड़े से 4.27 लाख हेक्टेयर अधिक है।
उड़द और मूंग जैसी दालों की खेती का रकबा पिछले साल इसी अवधि के 6.39 लाख हेक्टेयर के मुकाबले बढ़कर 7.21 लाख हेक्टेयर हो गया है।
इस सीजन में अब तक ज्वार, बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाजों (मिलेट्स) की खेती का रकबा बढ़कर 12.43 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 9.82 लाख हेक्टेयर था।
गन्ने की खेती का रकबा भी बढ़कर 57.31 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में 56.64 लाख हेक्टेयर था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने हाल ही में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी।
मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी, यूनियन बजट 2018-19 में की गई उस घोषणा के अनुरूप है जिसमें एमएसपी को अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना स्तर पर तय करने की बात कही गई थी। उत्पादन लागत पर किसानों को मिलने वाला अनुमानित मार्जिन मूंग के मामले में सबसे ज्यादा 61 प्रतिशत है, इसके बाद बाजरा (56 प्रतिशत), मक्का (56 प्रतिशत) और तुअर/अरहर (54 प्रतिशत) का स्थान है।
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बाकी फसलों के लिए, उत्पादन लागत पर किसानों को मिलने वाला मार्जिन 50 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
--आईएएनएस
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