तमिलनाडु के मंत्री निर्मल कुमार ने नीट पर सरकार का रुख दोहराया, द्रमुक पर भी साधा निशाना
मदुरै, 25 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मंत्री निर्मल कुमार ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार नीट का लगातार विरोध करती रहेगी। उन्होंने नीट को अनावश्यक बताते हुए पिछली द्रमुक सरकार पर आरोप लगाया कि उसने ऐसे वादे किए थे, जिन्हें वह पूरा नहीं कर सकी। इन वादों से लोगों को गुमराह किया गया।
मदुरै में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि नीट को लेकर तमिलनाडु सरकार का रुख शुरू से ही स्पष्ट रहा है। यह परीक्षा छात्रों और उनके परिवारों पर बेवजह का दबाव डालती है और इससे कोई खास फायदा नहीं होता।
उन्होंने कहा, "हमारा रुख बिल्कुल साफ है। नीट की कोई जरूरत नहीं है। यह परीक्षा छात्रों और उनके माता-पिता पर मानसिक दबाव और परेशानी बढ़ाती है। हम पहले भी कह चुके हैं कि इस परीक्षा से कोई वास्तविक लाभ नहीं है और इसे समाप्त कर दिया जाना चाहिए।"
निर्मल कुमार ने कहा कि तमिलनाडु सरकार ने नीट के खिलाफ होने वाले सभी प्रदर्शनों के लिए आवश्यक अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई है। चाहे प्रदर्शन किसी भी संगठन या समूह की ओर से आयोजित किया गया हो, प्रशासन ने सभी को पूरा सहयोग दिया है। लोगों के लोकतांत्रिक तरीके से विरोध-प्रदर्शन करने के अधिकार का सम्मान करते हुए सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम भी किए गए हैं।
मंत्री ने द्रमुक पर निशाना साधते हुए कहा कि नीट के मुद्दे पर पार्टी की बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि द्रमुक के कई पूर्व मंत्रियों ने सत्ता में रहते हुए नीट का विरोध तो किया, लेकिन इसे खत्म कराने के लिए कोई ठोस या प्रभावी कदम नहीं उठाया।
सरकार का रुख दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु नीट का विरोध आगे भी जारी रखेगा। जब भी जरूरत होगी, राज्य सरकार इस मुद्दे पर मजबूती से आवाज उठाएगी। हमारा रुख पहले जैसा ही है। हम नीट को जरूरी नहीं मानते। जब भी समय आएगा, हम इस परीक्षा के खिलाफ आवाज उठाने वालों में सबसे आगे रहेंगे।
--आईएएनएस
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