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छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए व्यवस्था की कमियों को दूर करना जरूरी: काकोली घोष दस्तीदार

 

कोलकाता, 24 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की बारासात लोकसभा सीट से चार बार सांसद रहीं डॉ. काकोली घोष दस्तीदार हाल ही में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हुई हैं। उन्होंने शुक्रवार को नीट परीक्षा के पेपर लीक को लेकर देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर संतुलित प्रतिक्रिया दी।

सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने नीट के उम्मीदवारों की चिंताओं का समर्थन किया। उन्होंने निष्पक्ष, पारदर्शी और छात्र केंद्रित परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए ठोस सुधारों की मांग की। उनका कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया में छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए व्यवस्था की कमियों को दूर करना जरूरी है।

घोष दस्तीदार ने अपने बयान में कहा, "हमारे छात्र निष्पक्ष, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली के हकदार हैं, इसलिए मैं शिक्षा व्यवस्था में ऐसे ठोस सुधारों की मांग करती हूं, जो कमियों को दूर करें, सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करें और परीक्षा प्रक्रिया में छात्रों का भरोसा फिर से कायम करें।"

छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए उन्होंने आंदोलन के दौरान हिंसा और बाहरी तत्वों द्वारा इसका फायदा उठाकर कानून व्यवस्था बिगाड़ने की आशंका पर भी चिंता जताई। उन्होंने केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और संसद से इस मामले को गंभीरता से लेने और जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की अपील की।

डॉ. काकोली घोष ने कहा, "मैं आंदोलन के दौरान हिंसा की किसी भी घटना और हालात का फायदा उठाकर शांति भंग करने की कोशिश करने वाले बाहरी तत्वों को लेकर गहरी चिंता जताती हूं। हालांकि छात्रों की जायज मांगों का सम्मान होना चाहिए और उन पर ईमानदारी तथा जल्द ध्यान दिया जाना चाहिए। हमारे युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मैं सभी संबंधित पक्षों से अपील करती हूं कि वे बातचीत, न्याय और छात्रों के भविष्य को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दें।"

पत्रकारों से बात करते हुए पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से होने वाले विरोध-प्रदर्शनों में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी। लोग रैलियां भी निकाल सकते हैं, हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदर्शन के दौरान अगर कोई राष्ट्रविरोधी नारे लगाए गए या ऐसी कोई गतिविधि हुई तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "अगर किसी जुलूस में देश विरोधी नारे लगाए गए, तो मैं तुरंत कार्रवाई करूंगा। देश को 1947 में आजादी मिली थी, इसलिए 'आजादी' के नारे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने और नारे लगाने का अधिकार है। हम उन्हें नहीं रोकेंगे, लेकिन अगर कोई देश विरोधी गतिविधि होती है, तो उससे निपटना मुझ पर छोड़ दें। मैं पश्चिम बंगाल से देश विरोधी ताकतों का पूरी तरह सफाया कर दूंगा, सावधान रहें।"

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी