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तमिलनाडु: तिरुवन्नामलाई 'कार्तिगई दीपम' उत्सव के लिए तैयार, 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

 

तिरुवन्नमलाई, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के तिरुवन्नमलाई में 12 से 28 नवंबर तक चलने वाले 'कार्तिगई दीपम' उत्सव के लिए सुरक्षा, परिवहन और नागरिक सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। उत्सव के दौरान 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के अरुणाचलेश्वर मंदिर आने की उम्मीद है।

मुख्य कार्यक्रम, 'महा दीपम', 24 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दौरान शहर में लगभग 45 से 50 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। मंदिर के रथ उत्सव में भी करीब आठ लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है।

शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट में तैयारियों की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता लोक निर्माण एवं खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन और हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्त मंत्री सी. रमेश ने संयुक्त रूप से की। बैठक में कलेक्टर वंदना गर्ग और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।

सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, दिव्यांगजनों के लिए भी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

खासकर 'महा दीपम' उत्सव के दौरान, जगह-जगह पुलिस बल तैनात करने की योजना है। हर 500 मीटर की दूरी पर सब-इंस्पेक्टर के नेतृत्व में छह सदस्यीय पुलिस टीम तैनात की जाएगी। निगरानी को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त वॉचटावर बनाए जाएंगे और उत्सव से पहले 750 सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा।

कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। यहां से चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पर नजर रखी जाएगी और आपातकालीन स्थितियों में तुरंत कार्रवाई के लिए समन्वय किया जाएगा।

शहर के बाहरी इलाकों में कुछ चुनिंदा जगहों पर अस्थायी बस टर्मिनल बनाए जाएंगे, जहां से शहर तक आने-जाने के लिए शटल सेवा उपलब्ध होगी। वाहनों के प्रवेश पर पाबंदियां लगाई जाएंगी (खासकर 'महा दीपम' के दिन), ताकि भीड़ कम हो सके और श्रद्धालुओं को आने-जाने में आसानी हो।

नागरिक सुविधाओं की तैयारियों में पूरे शहर और गिरिवलम मार्ग पर पर्याप्त पीने के पानी के नल, शौचालय और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था शामिल है। प्रमुख स्थानों पर स्वास्थ्य सहायता डेस्क बनाए जाएंगे और मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध रहेंगी।

गर्म सतहों पर नंगे पैर चलने वाले भक्तों को राहत देने के लिए दो किलोमीटर लंबे फुटपाथ पर जूट की चटाइयां बिछाने का प्रस्ताव है। उत्सव में आने वाले बच्चों की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए उन्हें रिस्टबैंड (हाथ में पहनने वाले बैंड) दिए जाएंगे।

दीपक दर्शन के टिकट मंदिर प्रशासन की वेबसाइट के जरिए बांटे जाएंगे। यह ऑनलाइन व्यवस्था उत्सव के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने की तैयारियों का हिस्सा है, क्योंकि इस समय मंदिर में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।

विभिन्न विभागों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे ऐसी व्यवस्था करें जिससे भक्तों को पूरे उत्सव के दौरान जरूरी सुविधाएं मिलती रहें। इसमें मुख्य अनुष्ठानों के समय आने वाली भारी भीड़ के प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है।

--आईएएनएस

ओपी/एएस