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'लोकतंत्र खतरे में है, अब आवाज उठाने का समय आ गया है'; वेणुगोपाल ने भारतीयों से 1 नवंबर की रैली में शामिल होने की अपील की

 

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद और पार्टी के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा। साथ ही, उन्होंने 'हर भारतीय' से अपील की कि वे 1 नवंबर को 'इंडिया' गठबंधन की रैली में शामिल हों। यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है, जो मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर आयोजित की जा रही है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में, वेणुगोपाल ने विपक्षी गठबंधन की रैली को 'चलो दिल्ली, वोट बचाओ, देश बचाओ' का नाम दिया और दावा किया कि लोकतंत्र पर 'हमला' हो रहा है।

भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा कराए जा रहे 'एसआईआर' (विशेष पुनरीक्षण) का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया, "मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं। एक के बाद एक राज्यों में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है।"

केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए वेणुगोपाल ने कहा, "हमारे वोट चुराए जा रहे हैं और जब हम जवाब मांगते हैं, तो हमें लाठीचार्ज और हिरासत का सामना करना पड़ता है। हम न तो चुप होंगे और न ही डरेंगे; हम अपने लोकतंत्र के लिए लड़ना जारी रखेंगे।"

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस लड़ाई का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष के नेता "निडर होकर सवाल उठा रहे हैं" और सत्ता में बैठे लोगों को "जवाबदेह" ठहरा रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, "अब समय आ गया है कि हम सब उनके (राहुल गांधी के) साथ खड़े हों और इस लड़ाई में शामिल हों।"

वेणुगोपाल ने यह भी बताया, "1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'इंडिया' ब्लॉक की पार्टियों की एक बड़ी रैली और मार्च होगा। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी और मोदी सरकार को जवाबदेह ठहराया जाएगा।"

उन्होंने कहा कि वे खुद रामलीला मैदान में मौजूद रहेंगे और साथ ही 'हर भारतीय' से विपक्षी गठबंधन में शामिल होने की अपील की।

वेणुगोपाल ने कहा, "यह समय है कि हम खड़े हों और अपनी आवाज़ उठाएं। हमारे लोकतंत्र का भविष्य दांव पर है और हम चुप नहीं रह सकते। जय हिंद!"

इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन का यह बड़ा विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से तय कार्यक्रम के अनुसार हो रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने इस तानाशाही शासन (एनडीए सरकार) के खिलाफ 'लोगों को जगाने' का बीड़ा उठाया है।

इसी तरह की बात रखते हुए, कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा, "राहुल गांधी जी, हमारे अन्य नेता और 'इंडिया' ब्लॉक लोकतंत्र को बचाने के लिए सड़कों से लेकर संसद तक लड़ाई लड़ रहे हैं। संसद में हमारी आवाज दबाई जा रही है। आपने देखा है कि हमने संसदीय सत्र के दौरान अपनी चिंताएं उठाने की कोशिश की, लेकिन केंद्र सरकार हमें ऐसा नहीं करने देती। उन्हें लोकतंत्र में बिल्कुल भी भरोसा नहीं है और उन्होंने इसे कमजोर करने की हर मुमकिन कोशिश की है।"

इस बीच, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर 13 करोड़ लोगों के छीने गए वोटिंग अधिकार उन्हें वापस दे दिए जाएं, तो फिर ऐसी रैलियों की कोई जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

--आईएएनएस

एससीएच