तिब्बती प्रशासन ने भूकंप प्रभावित तिब्बत में तत्काल बचाव और राहत कार्यों का आह्वान किया
धर्मशाला, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) की कैबिनेट ने शुक्रवार को तिब्बत के नागचू क्षेत्र के द्राचेन काउंटी में आए विनाशकारी भूकंप पर चिंता व्यक्त की और तत्काल मानवीय बचाव और राहत कार्यों का आह्वान किया।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान में कैबिनेट ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की, प्रभावित समुदायों के साथ एकजुटता दिखाई और मृतकों के शांतिपूर्ण पुनर्जन्म और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की।
बयान में मानवीय बचाव और राहत कार्यों की तत्काल आवश्यकता, हताहतों और विनाश की रिपोर्टिंग में पारदर्शिता, तिब्बती धार्मिक परंपराओं की रक्षा और मानवीय सहायता के लिए निर्बाध पहुंच पर विशेष जोर दिया गया है।
सीटीए ने उन रिपोर्टों पर भी चिंता जताई है कि भूकंप प्रभावित समुदायों की सहायता के लिए तिब्बत के अन्य हिस्सों से आ रहे तिब्बती स्वयंसेवकों को आपदा क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका जा रहा है।
काशाग के बयान का मुख्य संदेश यह है कि मानवीय हितों को राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिबंधों से ऊपर रखा जाना चाहिए।
इसने सरकारों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से चीनी अधिकारियों पर पारदर्शिता और निर्बाध मानवीय सहायता पहुंचाने का दबाव डालने का आह्वान किया है।
तिब्बत में मानवीय स्थिति के संबंध में सीटीए ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति गंभीर बनी हुई है, और नुकसान की सीमा और बचे हुए लोगों की जरूरतों के बारे में काफी अनिश्चितता है।
काशाग ने कई ऐसे कारकों की पहचान की है जो आपदा के मानवीय परिणामों को और भी गंभीर बना सकते हैं।
भूकंप 22 अक्टूबर की देर रात आया, जब संभवतः कई निवासी अपने घरों के अंदर थे।
सर्दी का मौसम आ रहा है, और खानाबदोश परिवार इस दौरान पारंपरिक रूप से अपने शीतकालीन आवासों में लौट आते हैं।
सीटीए ने आगे कहा कि तत्काल मानवीय प्राथमिकताओं में खोज और बचाव अभियान, घायलों का उपचार, आपातकालीन आवास, गर्म कपड़े, भोजन, आवश्यक सामग्री और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत शामिल हैं।
सीटीए अध्यक्ष पेनपा त्सेरिंग ने यहां तिब्बती बाल गांव की 66वीं स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर पारदर्शिता का आह्वान किया और सीटीए ने शुक्रवार को त्सुगलाखंग मंदिर में आधिकारिक प्रार्थना सभा का आयोजन किया।
--आईएएनएस
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