तेलंगाना: रिश्वत लेते हुए तीन सरकारी अधिकारी पकड़े गए
हैदराबाद, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुरुवार को एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने दो अलग-अलग मामलों में रिश्वत लेते हुए एक उप तहसीलदार, एक ग्राम राजस्व अधिकारी और तेलंगाना सदर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (टीजीएसपीडीसीएल) के एक सहायक अभियंता को पकड़ा।
मेडचल मलकाजगिरि जिले के कीसारा मंडल के उप तहसीलदार अमनगंती संदीप कुमार रेड्डी, ग्राम राजस्व अधिकारी (वीआरओ) नन्नूरी विजय कुमार रेड्डी और एक निजी व्यक्ति कावली बालकृष्ण को एसीबी ने 5 लाख रुपए की कथित मांग के आरोप में पकड़ा।
एसीबी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि उप तहसीलदार ने शिकायतकर्ता के परिवार की कृषि संपत्तियों को प्रतिबंधित सूची से हटाने के लिए बालकृष्ण के माध्यम से शिकायतकर्ता से 5 लाख रुपए की मांग की और 2.5 लाख रुपए स्वीकार किए।
भ्रष्टाचार-विरोधी एजेंसी ने बताया कि शिकायतकर्ता की मां और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर पंजीकृत कृषि संपत्तियों को पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 22-ए के तहत प्रतिबंधित सूची से हटाने से संबंधित कार्य की प्रक्रिया पूरी करने के लिए रिश्वत मांगी गई थी।
उप तहसीलदार के निर्देश पर वीआरओ विजय कुमार रेड्डी ने कथित तौर पर बालकृष्ण को शिकायतकर्ता से रिश्वत लेने के लिए उकसाया।
एसीबी अधिकारियों ने बालकृष्ण को 2.5 लाख रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। रिश्वत की रकम उसके पास से उसकी सूचना पर बरामद की गई।
एसीबी ने कहा कि दोनों राजस्व अधिकारियों ने अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए गलत और बेईमानी से काम किया। उप तहसीलदार, वीआरओ और बालकृष्ण को न्यायिक हिरासत के लिए नामपल्ली स्थित विशेष न्यायाधीश (एसपीई और एसीबी मामलों के लिए) के समक्ष पेश किया गया।
एक अन्य मामले में, हैदराबाद में तेलंगाना दक्षिणी विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (टीजीएसपीडीसीएल) के एक सहायक अभियंता को कथित तौर पर 1.2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, संतोष नगर उपमंडल के मदनपेट खंड में कार्यरत आरोपी पंडला संध्या राकेश ने पुराने, गुम हुए मीटरों के स्थान पर छह नए बिजली मीटर लगाने के आवेदन को मंजूरी देने के बदले में शिकायतकर्ता से यह रकम मांगी थी।
एसीबी ने बताया कि उसके सिटी रेंज-द्वितीय के अधिकारियों ने सहायक अभियंता को रंगे हाथों पकड़ा। उसकी सूचना पर उसके पास से कथित रिश्वत की रकम बरामद की गई।
एसीबी ने कहा कि अधिकारी ने अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए गलत और बेईमानी से काम किया।
--आईएएनएस
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