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मैसूर में बंगाल की महिला के साथ गैंगरेप के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार

 

मैसूरु, 21 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के मैसूरु जिले में पश्चिम बंगाल की एक युवती के साथ गैंगरेप के मामले में तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हालांकि, अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि वे मामले के तथ्यों और पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों की अभी भी पुष्टि कर रहे हैं।

यह घटना मैसूरु जिले के टी. नरसीपुरा टाउन पुलिस स्टेशन के क्षेत्र में हुई। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि दो दिन पहले जब वह टी. नरसीपुरा प्राइवेट बस स्टैंड पर खड़ी थी तो आरोपी उसे जबरदस्ती कार में ले गए। आरोपी उसे संतेमाराहल्ली शहर के एक लॉज में ले गए, जहां उसके साथ गैंग रेप किया। आरोपियों की पहचान किरण, किशोर और रियान के तौर पर हुई है।

महिला की शिकायत पर पुलिस ने 24 घंटे के अंदर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की गंभीरता और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए आरोपियों को पकड़ने के लिए तुरंत कार्रवाई की गई।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का दावा है कि महिला अपनी मर्जी से उनके साथ गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लॉज में वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर बहस हुई थी। बहस के बाद उन्होंने दावा किया कि उन्होंने महिला को उसकी जगह पर वापस छोड़ दिया था, जिसके बाद उसने गैंगरेप का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने कहा कि वे मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए पीड़िता के बैकग्राउंड की जांच कर रहे हैं और आरोपी के बयानों की भी पड़ताल कर रहे हैं। आगे की जांच जारी है। हालांकि, अधिकारी इस घटना को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि मैसूर शहर राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है, जहां दुनियाभर से लोग आते हैं।

बता दें कि 10 अक्टूबर 2025 को मैसूर पैलेस के पास 10 साल के एक बच्चे का यौन उत्पीड़न किया गया और बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई। पीड़ित का परिवार, हक्की पिक्की खानाबदोश जनजाति समुदाय के लगभग 50 अन्य लोगों के साथ दशहरा उत्सव के दौरान गुब्बारे और खिलौने बेचने के लिए कलबुर्गी से मैसूर आया था।

वे पैलेस के मैदान के पास डेरा डाले हुए थे और शहर में अलग-अलग जगहों पर सामान बेच रहे थे। मैसूर पुलिस ने संदिग्ध की तलाश शुरू की और कोल्लेगल से कार्तिक को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान उसने भागने की कोशिश की, जिसके कारण पुलिस को उसे हिरासत में लेने से पहले उसके पैर में गोली मारनी पड़ी।

--आईएएनएस

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