पश्चिम बंगाल: अभिषेक बनर्जी ने बंगाली प्रवासियों पर हमलों में एक पैटर्न होने का आरोप लगाया
कोलकाता, 13 फरवरी (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि अन्य राज्यों, विशेषकर भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी लोगों पर हमलों में एक पैटर्न देखने को मिल रहा है।
बनर्जी ने पुरुलिया जिले का दौरा किया और महाराष्ट्र के पुणे में हाल ही में मारे गए प्रवासी मजदूर सुखेन महतो के परिवार से मुलाकात की।
तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि महतो को बंगाली भाषी होने के कारण निशाना बनाया गया था, जबकि पुणे पुलिस ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि हत्या नशे में हुई कहासुनी का नतीजा थी।
अभिषेक बनर्जी ने महतो के परिवार से मुलाकात के बाद मीडियाकर्मियों से कहा कि उनकी मृत्यु कैसे हुई, इसकी जांच होनी चाहिए। महाराष्ट्र पुलिस को इस मामले की पूरी तरह से जांच करनी चाहिए और दोषियों को सजा देनी चाहिए। हालांकि, अन्य राज्यों, विशेषकर भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी लोगों पर हमलों का एक विशेष पैटर्न है। फिलहाल, मैं पुरुलिया मामले को उस पैटर्न से नहीं जोड़ रहा हूं।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में आरोपी अक्सर आसानी से जमानत पा लेते हैं।
उन्होंने कहा कि लेकिन महाराष्ट्र पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सुखेन महतो के मामले में ऐसा न हो। तृणमूल कांग्रेस दोषियों को सजा दिलवाने के लिए इस मामले को आगे बढ़ाएगी।
गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि महतो को उनकी भाषा, पहचान और मूल के कारण यातना देकर मार डाला गया।
उनकी पोस्ट के बाद, पुणे पुलिस ने एक विस्तृत बयान जारी कर बताया कि यह घटना सोमवार रात को हुई थी। महतो एक स्थानीय कंपनी में कार्यरत थे और दोपहर करीब 3 बजे काम पर जाने के लिए घर से निकले थे। हालांकि, पुलिस के अनुसार, उन्होंने ड्यूटी पर रिपोर्ट नहीं किया।
पुलिस का दावा है कि महतो पुणे के कोरेगांव इलाके में नशे की हालत में घूम रहे थे।
पुणे के शिकरापुर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर दीपरातन गायकवाड़ ने बताया कि घटना वाले दिन महतो का कथित तौर पर नशे की हालत में दो लोगों से झगड़ा हुआ था।
--आईएएनएस
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