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'राष्ट्रीय मजदूर दिवस' पर थाईलैंड में कामकाजी ढांचे में बड़ा बदलाव, गुड जॉब इकोनॉमी पर जोर

 

बैंकॉक, 1 मई (आईएएनएस)। थाईलैंड सरकार ने शुक्रवार को 'राष्ट्रीय मजदूर दिवस' के मौके पर कामकाजी ढांचे में बड़े बदलाव की घोषणा की। तेजी से बदलती भू-राजनीतिक चुनौतियों और तकनीकी बदलावों के बीच सरकार ने यह फैसला ल‍िया।

थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री योडचनन वोंगसावत ने कहा कि देश के कामकाजी लोगों के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं, बाहर की तरफ मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष और सप्लाई चेन में उतार-चढ़ाव, और अंदरूनी स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), बढ़ती उम्र की आबादी और हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) से जुड़ी जरूरतें।

स‍िन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, इन चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार अब अपनी प्राथमिकताएं बदल रही है। योडचानन ने कहा कि अब देश की सफलता सिर्फ आर्थिक विकास से नहीं मापी जाएगी, बल्कि सरकार 'गुड जॉब इकोनॉमी' बनाने पर ध्यान देगी। इसका मतलब है बेहतर नौकरी, सुरक्षित आमदनी और काम करने वालों की गरिमा को बढ़ाना।

उन्होंने बताया कि इसके लिए सरकार एक ऐसा राष्ट्रीय स्किल्स डाटाबेस बना रही है, जिसमें अलग-अलग मंत्रालय मिलकर काम करेंगे। इस सिस्टम से नौकरी देने वालों की जरूरत और कामगारों की क्षमता को सीधे जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे, ताकि लोगों को सही और बेहतर वेतन मिल सके।

इसके अलावा, योडचानन, जो हायर एजुकेशन, साइंस, रिसर्च और इनोवेशन मिनिस्टर भी हैं, ने एक नई फंडिंग पहल, "बजट के साथ सीखें, नौकरी के साथ ग्रेजुएट हों" शुरू की, जिसका मकसद डिजिटल इकॉनमी में बेसिक टेक्नोलॉजी यूजर्स से हाई-वैल्यू क्रिएटर्स में मजदूरों को अपस्किल करना है।

सरकार ने यह भी कहा कि किसानों को 'स्मार्ट फार्मर' बनाने की दिशा में काम किया जाएगा और गिग इकॉनमी (जैसे ऐप आधारित काम) में काम करने वाले लोगों और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने अपने सोशल मीड‍िया अकाउंट पोस्ट में कहा, “अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुभकामनाएं! 100 साल से ज्यादा समय से अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) सामाजिक न्याय और सभी के लिए बेहतर कामकाजी परिस्थितियों को बढ़ावा दे रहा है, जिसमें सम्मान, समानता, उचित आय और सुरक्षित काम शामिल है।”

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन का मकसद सामाजिक न्याय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त श्रमिक अधिकारों को बढ़ावा देना है, ताकि दुनिया में शांति और स्थिरता बनी रहे।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम