जयशंकर के अजरबैजान दौरे में आतंकवाद और सुरक्षा के मुद्दों पर हुई चर्चा: विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अजरबैजान दौरे के दौरान आतंकवाद, सुरक्षा संबंधी मुद्दों और साझा खतरों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की।
नई दिल्ली में द्विसाप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और अजरबैजान इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देशों को अपने लोगों की शांति, समृद्धि और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। साथ ही, दोनों देशों के सामने मौजूद साझा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाना चाहिए।
जयशंकर के अजरबैजान दौरे के दौरान सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाए जाने से जुड़े सवाल पर जायसवाल ने कहा, "सुरक्षा संबंधी मुद्दों, आतंकवाद और हमारे सामने मौजूद साझा खतरों पर चर्चा हुई। दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि उन्हें अपने लोगों की शांति, समृद्धि और सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ साझा चुनौतियों पर भी मिलकर काम करना चाहिए।"
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि विदेश मंत्री जयशंकर ने शुक्रवार को बाकू में अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अजरबैजान के राष्ट्रपति के बीच बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात के बाद जयशंकर का यह दौरा हुआ है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति अलीयेव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति की ओर से शुभकामनाएं भी दीं।
जयशंकर ने अजरबैजान के विदेश मंत्री जेयहुन बैरामोव के साथ भी विस्तृत बातचीत की। जायसवाल ने इन वार्ताओं को उत्पादक बताते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने राजनीतिक परामर्श को गहरा करने और आर्थिक साझेदारी को मजबूत बनाने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने राजनीतिक स्तर पर बातचीत बढ़ाने, एक-दूसरे के यहां यात्राओं और व्यापारिक दौरों को प्रोत्साहित करने, आर्थिक सहयोग, व्यापार एवं निवेश, कनेक्टिविटी और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। जायसवाल के मुताबिक, दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक समझ द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए एक अच्छा आधार प्रदान करती है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि जयशंकर और बैरामोव ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत करता है।
जायसवाल ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के दौरान ईरान से भारतीय छात्रों को निकालने में अजरबैजान की ओर से मिले सहयोग के लिए जयशंकर ने बैरामोव का आभार जताया। विदेश मंत्री ने अजरबैजान के अपने समकक्ष को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।
इसके अलावा, जयशंकर ने हाल ही में सीआईसीए (कॉन्फ्रेंस ऑन इंटरैक्शन एंड कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स इन एशिया) की बैठक की सफल मेजबानी के लिए अजरबैजान को बधाई दी। इस बैठक में भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने हिस्सा लिया था।
--आईएएनएस
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