तेलंगाना का लक्ष्य 2034 तक एक करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाना है: सीएम रेवंत रेड्डी
हैदराबाद, 25 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार का लक्ष्य 2034 तक एक करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाना है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को महिला सशक्तिकरण के लिए कई उपायों की घोषणा करते हुए यह बात कही।
सीएम रेवंत रेड्डी ने घोषणा की कि महिला स्वयं सहायता समूहों के स्वामित्व वाली 553 बसों को 5 जून को परेड ग्राउंड से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।
उन्होंने ऐलान किया कि महिला स्वयं सहायता समूहों को दिए जाने वाले बैंक-लिंकेज लोन की सीमा 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से राज्य भर में 8,000 इंदिरा गांधी स्त्री शक्ति भवनों (महिला सशक्तिकरण केंद्रों) की आधारशिला रखी।
उन्होंने कहा कि इस 'जनता की सरकार' का दृढ़ संकल्प है कि वह महिलाओं की शक्ति, 'महिला शक्ति' को पूरे देश के लिए एक उज्ज्वल उदाहरण के रूप में स्थापित करे।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को बस मालिक बनाने की परिकल्पना से प्रेरित होकर महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1,000 बसों की खरीद को सुविधाजनक बनाने और बाद में उन्हें आरटीसी को पट्टे पर देने की योजना पहले ही लागू की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि पदभार संभालने के महज दो दिनों के भीतर ही सरकार ने आरटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा शुरू कर दी थी और इस योजना के तहत अब तक आरटीसी को लगभग 10,000 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।
उन्होंने खुलासा किया कि सरकार ने महिला समूहों के लिए 60,472 करोड़ रुपए के बैंक लिंकेज लोन की सुविधा प्रदान की है और ब्याज मुक्त ऋण योजनाओं के तहत पहले ही 1,390 करोड़ रुपए वितरित कर चुके हैं।
सीएम रेवंत रेड्डी ने महिला समूहों से आग्रह किया कि वे स्वयं को छोटे पैमाने की आजीविका गतिविधियों तक सीमित न रखें बल्कि बड़े व्यवसायों में भी हाथ आजमाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूहों द्वारा मंडल (ब्लॉक) स्तर पर चावल मिलें, गोदाम और लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने की एक योजना शुरू की गई है और इस बात पर जोर दिया कि खाद्यान्नों की खरीद, भंडारण और पिसाई में महिला समूहों की भूमिका का विस्तार किया जाना चाहिए।
महिला समूहों को धान की सीधी खरीद करने और संसाधित चावल सरकार को आपूर्ति करने में सक्षम बनाने के लिए उपाय लागू किए जाएंगे।
खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए महिलाओं को हर एक दाने के लिए जवाबदेह बनाया गया है।
कॉर्पोरेट रिटेल चेन की तर्ज पर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा 'महिला शक्ति सुपर बाजार' स्थापित करने की भी योजना है।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकार इन सुपर बाजारों की स्थापना के लिए शहरी क्षेत्रों में रियायती दरों पर भूमि पट्टे पर देने के लिए तैयार है।
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गुणवत्तापूर्ण वस्तुएं जनता के लिए सुलभ हों, किसानों को अपनी उपज के लिए बाजार मिले और महिला समूह आय अर्जित कर सकें।
सरकार महिला शक्ति सुपर बाजारों में एक हितधारक के रूप में भी काम करेगी, यह सुनिश्चित करते हुए कि किसानों द्वारा उगाए गए उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद, जैविक उत्पाद और दैनिक आवश्यक वस्तुएं इस चैनल के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचें।
यदि ग्रामीण उत्पादों को एक मजबूत बाजार मिल जाता है तो इससे किसानों को लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1,000 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने और बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए उपाय कर रही है।
इसके अलावा, पेट्रोल पंप व्यवसाय क्षेत्र में महिला समूहों को भी भागीदार बनाया गया।
डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्क, मंत्री सीताक्का, श्रीधर बाबू और पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, राज्यसभा सदस्य वेम नरेंद्र रेड्डी, सरकारी सलाहकार हरकारा वेणुगोपाल और अन्य उपस्थित थे।
--आईएएनएस
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