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तेलंगाना सरकार टीवी सीरियल की तरह फोन टैपिंग जांच खींच रही है : बंडी संजय कुमार

 

हैदराबाद, 23 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने शुक्रवार को तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह फोन टैपिंग मामले की जांच को टीवी सीरियल की तरह खींच रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के परिवार के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस नहीं है। उन्होंने यह बातें करीमनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान कही।

इससे पहले केसीआर के बेटे और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) फोन टैपिंग मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) के सामने पेश हुए थे।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार एसआईटी जांच के नाम पर नाटक कर रही है।

उन्होंने दोहराया कि केटीआर ने सिरसिल्ला को मुख्यालय बनाकर फोन टैपिंग कराई थी और उनकी कथित ज्यादतियों से कई परिवार तबाह हो गए।

उन्होंने कहा कि फोन टैपिंग मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं होगी, क्योंकि सरकार में केसीआर परिवार के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं है।

उन्होंने कहा, “एसआईटी में कुछ अच्छे अधिकारी हैं, लेकिन सरकार ने उन्हें पूरी आजादी नहीं दी है। क्या इस मामले में अब तक किसी भी राजनीतिक नेता को गिरफ्तार किया गया है?”

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार होती तो केसीआर के परिवार के खिलाफ कार्रवाई की जाती। फोन टैपिंग में शामिल नेताओं और अधिकारियों को सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने केटीआर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेलंगाना में हुई फोन टैपिंग की तुलना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए की जाने वाली फोन टैपिंग से नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि माओवादी गतिविधियों के नाम पर अभिनेत्रियों, व्यापारियों, राजनीतिक नेताओं और न्यायाधीशों के फोन टैप किए गए।

बंडी संजय पिछले साल अगस्त में एसआईटी के सामने गवाह के तौर पर अपना बयान दर्ज कराने पहुंचे थे।

उन्होंने बाद में आरोप लगाया था कि केसीआर ने अपनी बेटी के कविता, दामाद अनिल कुमार और भतीजे व तत्कालीन मंत्री टी हरीश राव के फोन भी टैप कराए थे।

उन्होंने दावा किया कि बीआरएस शासन के दौरान माओवादियों के नाम पर नेताओं के फोन टैप किए गए और फोन टैपिंग के जरिए हजारों करोड़ रुपए की लूट की गई।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि केसीआर और केटीआर ने विशेष खुफिया ब्यूरो (एसआईबी) का निजी हितों के लिए दुरुपयोग किया, जबकि यह एजेंसी माओवादियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बनाई गई है।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम