तेलंगाना सीएम का प्रस्ताव: सरकारी अस्पतालों में एक्स्ट्रा ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों को मिलेगा प्रोत्साहन
हैदराबाद, 17 अगस्त (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को कहा कि सरकार उन सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टरों को प्रोत्साहन देगी जो सरकारी अस्पतालों में अतिरिक्त समय सेवा देने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने यह घोषणा सनथ नगर स्थित तेलंगाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (टीआईएमएस) का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए की।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि उस्मानिया अस्पताल की नई इमारत, एलबी नगर स्थित टीआईएमएस और अलवाल एवं वारंगल स्थित सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण कार्य 9 दिसंबर, 2027 तक पूरा हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने पर राज्य में कुल 10,000 अस्पताल बेड उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक अस्पताल के लिए एक समर्पित निदेशक नियुक्त किया जाएगा जो संचालन की देखरेख करेगा और मरीजों के परिचारकों के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने हेतु धनराशि भी स्वीकृत करेगा।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि इन नए टीआईएमएस अस्पतालों को कॉर्पोरेट अस्पतालों के समकक्ष चलाने के लिए उपाय किए जाने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से अतिरिक्त समय तक सेवा देने के इच्छुक सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टरों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पदभार ग्रहण करने के बाद, 'जनता की सरकार' ने सनथ नगर, एलबी नगर और अलवाल में टीआईएमएस अस्पतालों के साथ-साथ वारंगल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को पूरा करने के लिए कदम उठाए।
निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने गरीबों को कॉरपोरेट स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ बनाने के लिए टीआईएमएस की स्थापना की।
उन्होंने बताया कि पदभार ग्रहण करने के बाद से, उनकी सरकार ने आरोग्यश्री योजना पर 2,700 करोड़ रुपए खर्च किए हैं और मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) के तहत 2,526 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक गरीबों के स्वास्थ्य सेवा पर कुल 5,226 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में, सरकार ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पर 21,800 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पिछली बीआरएस सरकार की इस बात के लिए आलोचना की कि मौजूदा इमारत जर्जर हालत में होने के बावजूद उस्मानिया अस्पताल के लिए नई इमारत का निर्माण नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केसीआर सरकार ने टीआईएमएस अस्पताल और वारंगल अस्पताल की केवल आधारशिला रखी, लेकिन परियोजनाओं को बीच में ही छोड़ दिया।
--आईएएनएस
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