‘विकसित भारत’ में लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की अहम भूमिका, टेक्नोलॉजी के जरिए सेक्टर बन रहा अधिक कुशल: पीयूष गोयल
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि टेक्नोलॉजी भारत के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को सरल, तेज और अधिक कुशल बनाने में मदद कर रही है। इससे घरेलू उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत हो रही है और देश के विनिर्माण एवं निर्यात संबंधी महत्वाकांक्षाओं को समर्थन मिल रहा है।
केंद्रीय मंंत्री ने यह बयान लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक (एलडीबी) द्वारा 10 करोड़ एक्जिम कंटेनरों की ट्रैकिंग का मील का पत्थर हासिल करने के अवसर पर दिया।
उन्होंने कहा कि कुशल लॉजिस्टिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने, वैश्विक बाजारों में भारत की मौजूदगी बढ़ाने और प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
गोयल ने कहा, “लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक के जरिए 10 करोड़ कंटेनरों की ट्रैकिंग भारत की लॉजिस्टिक्स यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। टेक्नोलॉजी लॉजिस्टिक्स को सरल, तेज और अधिक कुशल बनाने के साथ-साथ भारतीय उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में हमारी मदद कर रही है।”
उन्होंने आगे कहा, “कुशल लॉजिस्टिक्स विनिर्माण को मजबूत करने, वैश्विक बाजारों में भारत की मौजूदगी बढ़ाने और प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए केंद्रीय भूमिका निभाएगा।”
लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक आरएफआईडी आधारित ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी के माध्यम से पूरे भारत में एक्जिम कंटेनरों की आवाजाही की एंड-टू-एंड जानकारी उपलब्ध कराता है।
फिलहाल यह प्लेटफॉर्म देश में एक्जिम कंटेनरों की 100 प्रतिशत आवाजाही की जानकारी उपलब्ध कराता है। इसके दायरे में 19 बंदरगाह और 32 कंटेनर टर्मिनल शामिल हैं।
इसके नेटवर्क में 103 इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी), 439 कंटेनर फ्रेट स्टेशन (सीएफएस), खाली कंटेनर यार्ड, पार्किंग प्लाजा और औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा नेटवर्क में 89 विनिर्माण विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), 5,569 रेलवे स्टेशन, 269 टोल प्लाजा और तीन इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट भी शामिल हैं।
यह प्लेटफॉर्म लॉजिस्टिक्स चेन में कंटेनरों की आवाजाही पर नजर रखने में हितधारकों की मदद करता है और ड्वेल टाइम, ट्रांजिट टाइम तथा बंदरगाह और टर्मिनल के प्रदर्शन से जुड़े विश्लेषण उपलब्ध कराता है।
यह डेटा लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों, निर्यातकों, आयातकों और नीति निर्माताओं को बाधाओं की पहचान करने तथा परिचालन दक्षता में सुधार करने में मदद करता है।
सितंबर 2025 में पीयूष गोयल ने एलडीबी 2.0 लॉन्च किया था, जिससे प्लेटफॉर्म की क्षमताओं में काफी विस्तार हुआ।
अपग्रेड किए गए संस्करण में भारत से निर्यात होने वाले कंटेनरों की हाई-सीज ट्रैकिंग शुरू की गई और मल्टीमॉडल शिपमेंट की जानकारी उपलब्ध कराई गई। इससे उपयोगकर्ता कार्गो की आवाजाही को अधिक व्यापक तरीके से ट्रैक कर सकते हैं।
--आईएएनएस
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