गोदाम में ढहने के समय मौजूद श्रमिकों की सही संख्या का पता लगाना संभव नहीं : कोलकाता पुलिस
कोलकाता, 25 जून (आईएएनएस)। कोलकाता पुलिस ने गुरुवार को कहा कि ताराताला स्थित निर्माणाधीन गोदाम में ढहने के समय मौजूद श्रमिकों की सही संख्या का पता लगाना संभव नहीं है, क्योंकि स्थल पर उपस्थिति का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया था।
पुलिस के अनुसार, गोदाम में श्रमिकों का कोई रजिस्टर नहीं था, इसलिए मलबे के नीचे फंसे लोगों की सही संख्या का पता लगाना संभव नहीं है।
दक्षिण कोलकाता के ताराताला स्थित निर्माणाधीन गोदाम की छत बुधवार दोपहर को गिर गई। अनुमान है कि लगभग 40 श्रमिक मलबे के नीचे दबे हुए हैं। नागरिक सुरक्षा, भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन विभाग, कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के कर्मी लापता श्रमिकों की तलाश में युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रहे हैं। हालांकि, स्थल पर रजिस्टर न होने के कारण अधिकारी यह सटीक रूप से निर्धारित नहीं कर पा रहे हैं कि कितने लोग अभी भी फंसे हुए हैं।
पुलिस ने घटना के संबंध में स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया। एफआईआर में कुल पांच लोगों को नामजद किया गया है। इनमें से मुख्य ठेकेदार असगर हुसैन का शव गुरुवार सुबह मलबे से बरामद किया गया। पुलिस ने एफआईआर में नामजद शेष चार लोगों को केएमसी से जुड़े एक अन्य व्यक्ति के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार किए गए लोगों में अयान ट्रेडर्स के भवन पर्यवेक्षक मोहम्मद गुलजार भी शामिल हैं।
यह कंपनी गोदाम की छत के निर्माण में भी शामिल थी। इसके अलावा, कोलकाता बंदरगाह से जमीन पट्टे पर लेकर गोदाम का निर्माण कर रही फर्म बेहेरा ब्रदर्स के मालिक शंभूनाथ बेहेरा को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने लोहे के फ्रेम निर्माता कमल सामंत और श्रम आपूर्तिकर्ता दिबाकर भंडारी को भी गिरफ्तार किया है। केएमसी डिजाइन अनुमोदन के लिए दलाल के रूप में कथित तौर पर काम करने वाले अब्दुल हामिद को भी हिरासत में लिया गया है।
गुरुवार दोपहर को कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) कुणाल अग्रवाल ने शहर के पुलिस मुख्यालय लालबाजार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मीडिया को जांच की प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस घटना में 11 लोगों की मौत हो गई है और 19 अन्य घायल हो गए हैं, जिनका एसएसकेएम अस्पताल में इलाज चल रहा है।
खराब मौसम के बावजूद बचाव अभियान जारी रहा। हालांकि, दोपहर में भीषण आंधी और मूसलाधार बारिश के कारण बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।
--आईएएनएस
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