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तमिलनाडु: कपड़े की थैली वाली मुहिम को टीवीके सरकार भी रखेगी जारी, अब 'थुनिप्पई स्कीम' के नाम से जाना जाएगा

 

चेन्नई, 29 सितंबर (आईएएनएस)। डीएमके सरकार में शुरु की गई तमिलनाडु की कपड़े के थैले वाली मुहिम को टीवीके सरकार भी जारी रखेगी। डीएमके सरकार की ओर से इस मुहिम का नाम 'मींडुम मंजाप्पई' रखा गया था। हालांकि अब टीवीके सरकार ने इसका नाम बदलकर 'थुनिप्पई स्कीम' कर दिया है।

तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नए नाम वाले प्रोग्राम के पहले चरण में वेंडिंग मशीनों और कपड़े के थैलों के लिए टेंडर मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना को 105 जगहों पर लागू करने का प्रस्ताव है। टेंडर प्रक्रिया में मशीनें लगाना और उन्हें चलाने के लिए जरूरी थैलों की सप्लाई करना शामिल होगा।

सरकार बदलने के बाद इस बात पर सवाल उठ रहे थे कि क्या इस कैंपेन को आगे भी फंड मिलता रहेगा। तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से टेंडर की प्रक्रिया शुरू करने से यह मुहिम आगे बढ़ती हुई दिख रही है।

खरीदारों को सिंगल-यूज प्लास्टिक को छोड़ने के लिए 'मींडुम मंजाप्पई' से लोगों को प्रोत्साहित किया गया था। मींडुम मंजाप्पई' का मतलब है "पीले थैले की वापसी", इस मुहिम को दिसंबर 2021 में शुरू किया गया था। शुरुआत में सार्वजनिक जगहों पर वेंडिंग मशीनों के जरिए पीले कपड़े के थैले 10 रुपये प्रति थैले की दर से उपलब्ध कराए गए थे। मशीनें लगाने और कैंपेन को सपोर्ट करने के लिए फंड भी दिया गया था।

यह पहल तमिलनाडु में सिंगल-यूज प्लास्टिक पर लगी रोक पर आधारित थी। 2019 में, तत्कालीन एआईएडीएमके सरकार ने प्लास्टिक कैरी बैग समेत कई ऐसे उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया था। दोबारा इस्तेमाल होने वाले थैले आसानी से उपलब्ध कराने का मकसद खरीदारों और विक्रेताओं को रोजमर्रा की खरीदारी के लिए डिस्पोजेबल थैलों का इस्तेमाल छोड़ने में मदद करना था।

सरकार बदलने के साथ ही कैंपेन और उसके फंड के भविष्य पर सवाल उठने लगे थे। कपड़े के थैले की योजना को आगे बढ़ाने का फैसला यह दिखाता है कि वेंडिंग मशीनों के जरिए वितरण जारी रहेगा। हालांकि इस प्रोग्राम के लिए अब "मंजाप्पई" नाम का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

पहले चरण में यह देखा जाएगा कि नए नाम वाली योजना को कैसे लागू किया जाता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 105 जगहों पर मशीनें लगाने और उनमें रखने के लिए कपड़े के थैले खरीदने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उपलब्ध जानकारी में जगहों की जानकारी, सप्लाई किए जाने वाले थैलों की संख्या और मशीनें लगाने का समय नहीं बताया गया है।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम