अंग दान में तमिलनाडु भारत में सबसे आगे: मंत्री केजी अरुण राज
कोयंबटूर, 3 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मंत्री केजी अरुण राज ने रविवार को कहा कि राज्य 'मृत्यु के बाद अंग दान' के मामले में देश में सबसे आगे बना हुआ है और भारत में होने वाले कुल अंग दान का लगभग एक-तिहाई हिस्सा यहीं से आता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार ट्रांसप्लांटेशन सिस्टम में गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों या संगठनों के प्रति कोई नरमी नहीं बरतेगी।
कोयंबटूर में 'लाइफ आफ्टर लाइफ' अंग दाता सम्मान समारोह के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, अरुण राज ने अंग दाताओं को समर्पित 'वॉल ऑफ ऑनर' के उद्घाटन को बेहद भावुक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि अंग दाता मानवता का सबसे ऊंचा उदाहरण पेश करते हैं, क्योंकि वे अपनी मृत्यु के बाद भी दूसरों को जीने का मौका देते हैं।
मंत्री ने कहा कि इस समारोह ने उनके परिवार द्वारा झेले गए इसी तरह के व्यक्तिगत नुकसान की यादें भी ताजा कर दीं, जिससे यह मौका उनके लिए खास तौर पर भावुक करने वाला बन गया।
'वॉल ऑफ ऑनर' का उद्घाटन उन दाताओं के सम्मान में किया गया जिनके अंगों ने ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहे मरीजों की जान बचाने या उनकी जिंदगी बदलने में मदद की थी।
अंग ट्रांसप्लांटेशन सिस्टम से जुड़ी चिंताओं का जिक्र करते हुए अरुण राज ने कहा कि किडनी चोरी के मामले के बाद प्रक्रियाओं को बहुत सख्त बना दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इसके बाद सरकार ने पारदर्शिता या सुरक्षा उपायों से समझौता किए बिना अंग दान और ट्रांसप्लांटेशन को और बेहतर बनाने के लिए जहां भी जरूरी था, प्रक्रिया की समीक्षा की और उसे सुव्यवस्थित किया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रक्रियात्मक बाधाओं को कम करने का मतलब जांच पड़ताल में ढील देना नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अंग दान या ट्रांसप्लांटेशन से जुड़ी गड़बड़ियों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी अस्पताल, संस्थान या संगठन के खिलाफ सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।
अरुण राज ने कहा कि सरकार ट्रांसप्लांटेशन प्रोग्राम में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, खासकर इसलिए क्योंकि यह सिस्टम काफी हद तक शोक संतप्त परिवारों की अंग दान के लिए सहमति देने की इच्छा पर निर्भर करता है।
मंत्री ने कहा कि उन्हें गर्व है कि राज्य देश में होने वाले कुल अंग दान का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है और 'मृत्यु के बाद अंग दान' के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि दान देने वाले परिवारों का योगदान सम्मान के हकदार है, क्योंकि उनके फैसले - जो अक्सर गहरे दुख के क्षणों में लिए जाते हैं - गंभीर रूप से बीमार मरीजों को नई जिंदगी देते हैं।
'लाइफ आफ्टर लाइफ' कार्यक्रम का उद्देश्य अंग दाताओं और उनके परिवारों का सम्मान करना था, साथ ही अंग दान के महत्व को उजागर करना और लोगों में इसके जरिए जान बचाने की क्षमता के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।
--आईएएनएस
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