राज्यपाल की तरफ से टीवीके को बहुमत साबित करने का मौका न मिलना गलत: शिवकुमार
बेंगलुरु, 7 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने गुरुवार को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के उस कथित फैसले की आलोचना की, जिसमें उन्होंने अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कजगम को सरकार बनाने और विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने का मौका देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने इस कदम को अलोकतांत्रिक बताया।
बेंगलुरु के विधान सौधा में पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि राज्यपाल के पास किसी भी पार्टी को सरकार बनाने का दावा करने से रोकने का कोई अधिकार नहीं है, अगर उसके पास बहुमत है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के राज्यपाल के पास विजय को सरकार बनाने और अपना बहुमत साबित करने से रोकने का कोई अधिकार नहीं है। राज्यपाल का आचरण उचित नहीं है।
कर्नाटक और राष्ट्रीय स्तर पर पहले के राजनीतिक घटनाक्रमों से तुलना करते हुए शिवकुमार ने कहा कि राज्यपालों और राष्ट्रपतियों ने पहले भी सबसे बड़ी पार्टियों को सरकार बनाने और विधानसभा या संसद में विश्वास मत हासिल करने की अनुमति दी थी।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भी पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने की अनुमति दी गई थी। पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन और एपीजे अब्दुल कलाम ने भी यही तरीका अपनाया था। यहां तक कि अटल बिहारी वाजपेयी को भी सरकार बनाने और सदन में बहुमत साबित करने की अनुमति दी गई थी।
उन्होंने कहा कि तमिलगा वेट्री कजगम को भी इसी तरह अपना बहुमत साबित करने का मौका दिया जाना चाहिए।
शिवकुमार ने आगे कहा कि यह लोकतंत्र है। एक वोट बहुमत या अल्पमत तय कर सकता है। अगर वे बहुमत साबित करने में विफल रहते हैं, तो अगले विकल्प पर विचार किया जा सकता है।
उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने राज्य की जनता के जनादेश और भावनाओं का सम्मान करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य की जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
--आईएएनएस
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