तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस बरकरार, ईपीएस ने विजयी दलों को दी बधाई
चेन्नई, 9 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच एआईएडीएमके महासचिव एडप्पडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने 17वीं तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाले सभी उम्मीदवारों और दलों को बधाई दी है।
पलानीस्वामी ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि वह तमिलनाडु में अंततः सरकार बनाने वाले दल को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब विधानसभा चुनाव में त्रिशंकु जनादेश के बाद राज्य में तेज राजनीतिक गतिविधियां और जोड़तोड़ जारी हैं।
तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को एक चरण में मतदान हुआ था। इस चुनाव में डीएमके गठबंधन, एआईएडीएमके गठबंधन, नाम तमिलर कच्ची और विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्ट्रि कझगम (टीवीके) के बीच कड़ा चार-कोणीय मुकाबला देखने को मिला।
विजय की टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत जुटाने की कोशिश में लगी हुई है। कांग्रेस और वाम दल पहले ही टीवीके को समर्थन दे चुके हैं, लेकिन पार्टी अब भी विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) के औपचारिक समर्थन का इंतजार कर रही है।
वीसीके ने घोषणा की है कि पार्टी अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन शनिवार शाम को टीवीके को समर्थन देने के मुद्दे पर आधिकारिक बयान जारी करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणा तय कर सकती है कि विजय 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा आराम से पार कर पाएंगे या नहीं।
इसी बीच एक नया विवाद भी सामने आया है। एएमएमके महासचिव टी.टी.वी. दिनाकरन ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि एएमएमके विधायक कामराज के नाम से टीवीके के समर्थन में फर्जी पत्र जमा कराया गया है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर कथित ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ और फर्जी समर्थन पत्रों के आरोपों की गहराई से जांच करने का फैसला लेते हैं, तो तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया में देरी हो सकती है।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि राज्यपाल समर्थन देने वाले विधायकों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपने समर्थन पत्रों की पुष्टि करने के निर्देश दे सकते हैं, जिसके बाद ही किसी दल को सरकार बनाने का न्योता दिया जाएगा।
पर्दे के पीछे लगातार जारी बातचीत और बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच तमिलनाडु में अगली सरकार किसकी बनेगी, इसे लेकर सस्पेंस अभी बरकरार है।
--आईएएनएस
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