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विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद तमिलनाडु कैबिनेट में फेरबदल की संभावना

 

चेन्नई, 8 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की कैबिनेट में फेरबदल की उम्मीद है। खबरों के अनुसार सरकार की तरफ से ये कदम कुछ मंत्रियों का कामकाज संतोषजनक नहीं पाए जाने के चलते उठाया जा सकता है।

यह प्रक्रिया मंगलवार को विधानसभा के महीने भर चलने वाले सत्र के खत्म होने के तुरंत बाद शुरू हो सकती है।

विजय के नेतृत्व वाली सरकार ने चार महीने पहले सत्ता संभाली थी, जब 'तमिलगा वेट्री कझगम' ने अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता और गठबंधन सरकार बनाई।

17वीं तमिलनाडु विधानसभा के लिए वोटिंग 23 अप्रैल को हुई थी, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को शुरू हुई थी।

35 सदस्यों वाली मंत्रिपरिषद में सरकार के गठबंधन सहयोगियों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। कांग्रेस को दो मंत्री पद दिए गए थे, जबकि 'विदुथलाई चिरुथाइगल काची' और 'इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग' को एक-एक पद मिला था।

माना जा रहा है कि प्रस्तावित बदलाव की तैयारी मुख्यमंत्री के सलाहकारों जॉन अरोकियास्वामी और विष्णु रेड्डी द्वारा की गई समीक्षा के बाद शुरू हुई। उनकी समीक्षा में यह देखा गया कि अलग-अलग मंत्रियों ने अपने विभागों का कामकाज कैसे संभाला, अधिकारियों के साथ बैठकें कैसे कीं और अपने निर्वाचन क्षेत्रों में कार्यक्रमों को कैसे लागू किया।

समीक्षा में विधानसभा की कार्यवाही में उनकी भागीदारी और सत्ताधारी पार्टी के विधायकों के साथ उनके व्यवहार पर भी विचार किया गया।

इसके बाद सलाहकारों ने मुख्यमंत्री को एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कैबिनेट के कुछ सदस्यों के कामकाज में कमियों की ओर इशारा किया गया।

कहा जा रहा है कि विजय ने डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी से सलाह करके नतीजों की स्वतंत्र रूप से समीक्षा भी की है। खबरों के अनुसार, उनकी प्रतिक्रिया ने कुछ मंत्रालयों के कामकाज को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया और मंत्रिपरिषद में बदलाव पर चर्चा शुरू कर दी।

सरकारी हलकों से मिल रहे संकेतों के अनुसार, कैबिनेट से तीन टीवीके मंत्रियों (जिनमें एक महिला भी शामिल है) को हटाया जा सकता है। गठबंधन पार्टी के एक मंत्री का विभाग भी बदला जा सकता है। सत्ताधारी पार्टी के एक अन्य मंत्री ने काम के बोझ के कारण एक बड़े विभाग की जिम्मेदारी से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया है। विभागों के पुनर्वितरण के दौरान इस अनुरोध पर विचार किए जाने की संभावना है।

इस कवायद के समय या पैमाने के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

हालांकि, विधानसभा सत्र के समापन के साथ ही अटकलें तेज हो गई हैं, जिससे कई मंत्री अपने पदों को लेकर अनिश्चितता की स्थिति में हैं। प्रस्तावित फेरबदल विजय सरकार के सत्ता संभालने के बाद से पहला बड़ा पुनर्गठन होगा। उम्मीद है कि इसमें प्रदर्शन-आधारित बदलावों के साथ-साथ गठबंधन के संतुलन को बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा, साथ ही आने वाले महीनों में शासन के अगले चरण के लिए प्रशासन को अधिक केंद्रित किया जाएगा।

--आईएएनएस

एमएस/