छात्रा की हत्या हिमाचल में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का आईना: भाजपा नेता जयराम ठाकुर
शिमला, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता जयराम ठाकुर ने मंगलवार को मंडी जिले के सरकाघाट में 19 साल की एक कॉलेज छात्रा की हत्या के बाद राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस घटना को राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का संकेत बताया।
ठाकुर ने यहां मीडिया से बात करते हुए कहा कि कॉलेज के दूसरे वर्ष की छात्रा अपनी क्लास में जाने के दौरान एक धारदार हथियार से किए गए हमले का शिकार हो गई। यह हमला इतना क्रूर था कि छात्रा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
विपक्ष के नेता ने कहा, "यह सिर्फ एक अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था के पूरी तरह से चरमराने का एक गंभीर संकेत है। इस अपराध की क्रूरता ने हिमाचल प्रदेश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है।"
जयराम ठाकुर ने अपना दुख व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने पीड़ित परिवार से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके दुख को "अकथनीय" बताया।
पीड़ित छात्रा के पिता एक निजी ड्राइवर के तौर पर काम करते हैं। वह गहरे सदमे में हैं, और उन्होंने अपनी बेटी के लिए इंसाफ की मांग की है।
ठाकुर ने कहा, "परिवार पूरी तरह से टूट चुका है। अपराध होने से कुछ ही देर पहले पिता ने अपनी बेटी से बात की थी। कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें बेटी की मौत की खबर मिली। ऐसे नुकसान की भरपाई या सांत्वना देने के लिए कोई शब्द नहीं हैं।"
भाजपा नेता ठाकुर ने इस अपराध के पीछे किसी बड़ी साजिश या अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा, "इस बात की जांच करना बेहद जरूरी है कि क्या आरोपी ने अकेले ही इस वारदात को अंजाम दिया, या फिर वह किसी और के प्रभाव में था या किसी ने उसका इस्तेमाल किया। हर पहलू की गहनता से जांच होनी चाहिए।"
ठाकुर ने इस घटना को नशे की बढ़ती समस्या से जोड़ते हुए कहा कि कथित तौर पर अपराध के समय आरोपी नशे की हालत में था। उन्होंने सवाल उठाया, "सरकार भले ही नशा-विरोधी अभियान चलाने का दावा करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। अगर हजारों युवाओं की पहचान पहले ही नशे के आदी लोगों के तौर पर हो चुकी है, तो ऐसे अपराधों को रोकने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं?"
ठाकुर ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में एनडीपीएस एक्ट के तहत 6,200 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें नशे की ओवरडोज के कारण 66 लोगों की मौत भी शामिल है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में आई तेजी पर भी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा, “हाल के वर्षों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में काफी बढ़ोतरी हुई है, और ऐसे मामलों की संख्या 1,850 के पार पहुंच गई है। यह एक बेहद चिंताजनक रुझान है और इस पर तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है।”
एक दिन पहले, गवर्नर कविंदर गुप्ता ने इस अपराध को “जघन्य, अमानवीय और बेहद परेशान करने वाला” बताया था। गवर्नर ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी से बात की और घटना की विस्तृत रिपोर्ट ली।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपराधी के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें, और दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाएं। गवर्नर ने नागरिकों, विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सतर्कता और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
--आईएएनएस
एएसएच/एमएस