संघर्ष में शामिल देशों को छोड़कर होर्मुज स्ट्रेट सभी देशों के लिए खुला: अराघची
नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शुक्रवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट सामान्य वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला रहेगा, लेकिन उन देशों के जहाजों को इसमें प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, जो ईरान के साथ संघर्ष में शामिल हैं। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब यह जलमार्ग वैश्विक तेल और व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
नई दिल्ली में शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान लगातार जहाजों के सुरक्षित गुजरने की सुविधा दे रहा है और उसने पहले भी कई भारतीय जहाजों को रास्ता दिया है।
सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि सभी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही ईरान की नीति और हित में है और तेहरान उन लोगों की मदद करने के लिए तैयार है जो सुरक्षित आवागमन चाहते हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने ये बातें अमेरिका और चीन की उन टिप्पणियों पर सवाल के जवाब में कहीं, जिनमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चर्चा हुई थी और होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने की बात कही गई थी। ये बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बीजिंग में हुई बैठक के बाद सामने आई थी।
अराघची ने कहा, “होर्मुज स्ट्रेट के बारे में हमारी भी यही इच्छा है कि यह पूरी तरह खुला रहे। हमारी तरफ से यह खुला है और सभी जहाज यहां से गुजर सकते हैं, सिर्फ उन देशों के जहाजों को छोड़कर जो हमारे खिलाफ युद्ध में शामिल हैं।”
ईरान के विदेश मंत्री ने आगे कहा कि जो जहाज यहां से गुजरना चाहते हैं, उन्हें हमारी सेना से संपर्क करना होगा, क्योंकि वहां कुछ बारूदी सुरंगें और रुकावटें मौजूद हैं। हम उन्हें सुरक्षित रास्ता दिखाएंगे, जैसा कि हमने कई भारतीय जहाजों के लिए किया है। सभी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही हमारी नीति है और हम उनकी मदद करने के लिए तैयार हैं।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान ने 2015 के समझौते पर हस्ताक्षर करके पहले ही साबित कर दिया है कि वह परमाणु हथियार नहीं चाहता। उन्होंने दोहराया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है और वह इसे भरोसेमंद बनाने के लिए हमेशा तैयार रहा है।
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि हमारा हमेशा यही रुख रहा है कि हम परमाणु हथियार नहीं चाहते और यह हमारी नीति नहीं है। हमारा परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है और हम इसे शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए भरोसा बनाने को तैयार हैं।
सैयद अब्बास अराघची ने यह भी कहा कि ईरान इस समय अमेरिका की वजह से एक तरह की नाकेबंदी का सामना कर रहा है। इस क्षेत्र में अस्थिरता अमेरिका की आक्रामक नीतियों की वजह से है। उन्होंने कहा कि जब यह तनाव खत्म हो जाएगा तो हालात फिर सामान्य हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जैसे ही यह आक्रामकता खत्म होगी, सब कुछ फिर से सामान्य हो जाएगा। हम ओमान के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट से सभी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए व्यवस्था करेंगे।
यह दौरा ईरान की तरफ से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बाद पहली बड़ी कूटनीतिक पहल माना जा रहा है। सैयद अब्बास अराघची बुधवार को तीन दिन के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे थे।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को भी हिला दिया है, जहां ईरान द्वारा प्रभावी रूप से हॉर्मुज स्ट्रेट को अवरुद्ध किए जाने के बाद तेल और गैस की कीमतों में तेजी देखी गई है। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित यह रणनीतिक समुद्री मार्ग दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी आपूर्ति का परिवहन करता है।
--आईएएनएस
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