नीट पेपर लीक: छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस नेता वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
नागपुर, 23 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने गुरुवार को नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे छात्र आंदोलनों पर महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करने और उन पर नशीले पदार्थ (ड्रग्स) रखने का आरोप लगाकर फंसाने की धमकी देने के लिए प्रशासन की कड़ी आलोचना की।
वडेट्टीवार ने कहा कि छात्रों का भविष्य एक बेहद गंभीर मुद्दा है और सरकार को उनकी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने के लिए बल का प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
वडेट्टीवार ने कहा, "महाराष्ट्र पुलिस का आदर्श वाक्य है 'सद्रक्षणाय खलनिग्रहणाय' (अच्छे लोगों की रक्षा करना और बुरे लोगों को दंडित करना)। फिर भी, पुलिस अधिकारी खुद छात्र प्रदर्शनकारियों पर 50 ग्राम ड्रग्स रखने का आरोप लगाकर फंसाने की धमकी दे रहे हैं।"
उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए सवाल किया, "ऐसा लगता है कि अब नागरिकों को खुद पुलिस से बचाने का समय आ गया है। आखिर छात्रों को धमकाने के लिए पुलिस के पास ये नशीले पदार्थ कहां से आए?"
यह बताते हुए कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी छात्रों के मुद्दों का पुरजोर समर्थन किया है, वडेट्टीवार ने कहा कि पार्टी ने राज्यव्यापी प्रदर्शन शुरू किए हैं, जिसमें तालुका स्तर तक के अभिभावक भी शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले राज्य प्रशासन से जनता की भावनाओं को सुनने और छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए रचनात्मक कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत शुरू करने के बजाय सरकार आंदोलन को बेरहमी से कुचलने की कोशिश कर रही है।
पेपर लीक के मुद्दे पर वडेट्टीवार ने बताया कि पिछले एक दशक में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, जिससे लाखों प्रतियोगी छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
उन्होंने कहा परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है। सत्ताधारी प्रशासन को सलाह दी कि वह विपक्ष पर दोष मढ़ने के बजाय अपनी विफलताओं को स्वीकार करे और सुधार लागू करे।
कांग्रेस नेता ने किसानों के सामने मौजूद संकट का जिक्र करते हुए कृषि ऋण माफी के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के लिए महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि अव्यवस्थित माफी सूचियों ने यह उजागर कर दिया है कि किसानों के साथ किस तरह धोखा किया जा रहा है और उन्होंने इस मामले में प्रशासन से तत्काल पारदर्शिता की मांग की।
इससे पहले, बुधवार को महाराष्ट्र कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने भाजपा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस सांसदों के साथ किए गए अस्वीकार्य व्यवहार की निंदा की।
कांग्रेस ने गांधी भवन से दक्षिण मुंबई में स्थित भाजपा कार्यालय तक एक विरोध मार्च निकाला। पार्टी का इरादा भाजपा कार्यालय पहुंचकर उन्हें संविधान की एक प्रति सौंपने का था। हालांकि, पुलिस ने रीगल सिनेमा के पास कांग्रेस नेताओं और पदाधिकारियों को रोक लिया और हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारियों ने "मोदी हटाओ, देश बचाओ" और "जब-जब मोदी डरते हैं, पुलिस को आगे करते हैं" जैसे जोरदार नारे लगाए।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में कई पदाधिकारियों और प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। इनमें लेजिस्लेचर पार्टी के नेता विजय वडेट्टीवार, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और पूर्व मंत्री नसीम खान, विधायक भाई जगताप, पूर्व सांसद भालचंद्र मुंगेकर, पूर्व सांसद हुसैन दलवई और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी समेत कई अन्य लोग शामिल थे।
सपकाल ने आरोप लगाया कि नीट प्रश्न पत्र लीक और परीक्षा में चल रही गड़बड़ियों को लेकर मोदी सरकार की नाकामी ने देश भर के लाखों छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है।
गुस्साए छात्र सड़कों पर उतरे, लेकिन उन्हें मोदी-शाह प्रशासन के आदेश पर पुलिस की बर्बर लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों को दरकिनार किया गया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने हर साल दो करोड़ नौकरियां देने के अधूरे वादों से युवाओं को गुमराह किया। उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार की कमी के अलावा, परीक्षाएं भी ठीक से आयोजित नहीं हो रही थीं।
--आईएएनएस
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