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मध्य प्रदेश: रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड का खुलासा, आगरा से गिरफ्तार हुआ केयरटेकर

 

भोपाल, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भोपाल पुलिस ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के आरोपी केयरटेकर को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस आयुक्त संजय कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और सब्जी विक्रेता और रिक्शा चालक से जानकारी इकट्ठा कर चलाए गए चार दिवसीय गुप्त अभियान की मदद से कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

पुलिस टीमों की एक महीने लंबी खोज के बाद आरोपी वरुण वाल्मीकि को सोमवार शाम उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस आयुक्त संजय सिंह ने बताया, “टीमों ने एक महीने से अधिक समय तक काम किया और नौ राज्यों में 2,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की। इस दौरान 100 से अधिक संदिग्धों और आरोपी के रिश्तेदारों से पूछताछ की। उसकी गिरफ्तारी के लिए 50,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।”

यह सफलता तब मिली, जब जांचकर्ताओं ने अग्रवाल के आवास से चोरी हुए मोबाइल फोन की लास्ट लोकेशन आगरा में ट्रेस की। इसके बाद पुलिस ने ग्वालियर, आगरा, मथुरा, वृंदावन, दिल्ली और अन्य स्थानों पर टीमें तैनात कीं। अधिकारियों ने बताया कि आगरा में पुलिसकर्मियों ने चार दिनों तक गुप्त निगरानी की। इसके बाद आरोपी की पहचान की पुष्टि की और उसे गिरफ्तार किया।

मंगलवार सुबह वरुण को भोपाल लाया जा रहा था, तभी उसने मुगलिया छाप गांव के पास पुलिस की पिस्तौल छीनकर और अपने साथ चल रहे पुलिसकर्मियों पर हमला करके भागने की कोशिश की। झड़प के दौरान उसके पैर में गोली लगी और उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी ग्वालियर, आगरा, मथुरा, वृंदावन और दिल्ली से होते हुए हरिद्वार, ऋषिकेश, कुल्लू-मनाली और पठानकोट गया था। बाद में वह दिल्ली लौट आया और आगरा में उसका पता चला।

पुलिस आयुक्त ने बताया, "प्रारंभिक पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह मृतक के व्यवहार से नाराज था। उसने दावा किया कि बार-बार डांटने से उसके मन में गुस्सा पैदा हुआ और इसी वजह से उसने अधिकारी पर हमला किया।"

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के आईएएस अधिकारी अग्रवाल की 30 सितंबर को सूरज नगर स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। जब उनकी पत्नी निशी दूसरे कमरे में सो रही थीं, तब उनका गला काट दिया गया था।

पुलिस ने बताया कि वरुण को वर्मा होम हेल्थकेयर एंड हाउसकीपिंग सर्विसेज के माध्यम से हत्या से ठीक तीन दिन पहले पीठ दर्द से पीड़ित अग्रवाल की देखभाल के लिए रखा गया था। घटना के बाद घर से नकदी, गहने और एक मोबाइल फोन गायब पाए गए।

मध्य प्रदेश आईएएस एसोसिएशन द्वारा जांच की धीमी गति पर चिंता जताए जाने के बाद, एआईजी उमेश तिवारी की अध्यक्षता में 21 अक्टूबर को एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। अधिकारी ने बताया कि पुलिस घटनाक्रम का पता लगाने और चोरी की गई कीमती वस्तुओं और अन्य सबूतों को बरामद करने के लिए आरोपी से पूछताछ कर रही है।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम