कर्नाटक स्टिंग ऑपरेशन विवाद: केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने सीएम शिवकुमार से किए सवाल, जांच की मांग की
हसन, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को कर्नाटक में चल रहे स्टिंग ऑपरेशन विवाद की जांच की मांग की। उन्होंने यह भी पूछा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को निशाना बनाकर यह ऑपरेशन किसने किया, वीडियो किसने लीक किया और इसमें शामिल लोगों को कौन संरक्षण दे रहा है।
हरदनहल्ली के माविंकेरे स्थित श्री रंगनाथस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए।
उन्होंने पूछा, “पिछले कुछ दिनों से कुछ बातें चल रही हैं, और अब इसे फिर से उठाया गया है। यह किसने किया? स्टिंग ऑपरेशन किसने किया? क्या यह कोई मजाक है? क्या आपने राजनीति को खेल बना दिया है?”
शिवकुमार ने हाल ही में दावा किया था कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें स्टिंग ऑपरेशन के जरिए फंसाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने आगे कहा कि उनके पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए तस्वीरें और दस्तावेज मौजूद हैं।
इसी बीच भाजपा विधायक बी. बसनागौड़ा पाटिल यतनाल ने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया को एक निजी मामले को लेकर 'ब्लैकमेल और धमकी' दी गई, जिससे वे 'बेबस' हो गए और उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
कुमारस्वामी ने कहा कि सिद्दारमैया ने आठ साल तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और आम लोगों के लिए काम करके अपनी राजनीतिक प्रतिष्ठा बनाई।
उन्होंने पूछा, "सिद्दारमैया के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किसने किया? वे कौन हैं और उनका पेशा क्या है? उनके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है? मीडिया की आड़ में उनके पीछे कौन है और कौन उनकी रक्षा कर रहा है? यह सब क्यों किया जा रहा है और वीडियो किसने जारी किया?" उन्होंने 'अस्वस्थ राजनीतिक माहौल' के लिए कांग्रेस नेतृत्व को दोषी ठहराया।
कुमारस्वामी ने कांग्रेस विधायक गनिगा रवि द्वारा पेन ड्राइव प्रदर्शित करने पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि उनकी पिछली पेन ड्राइव में सिंचाई विभाग में इंजीनियरों के तबादलों में अनियमितताओं का जिक्र था, जब शिवकुमार मंत्री थे।
उन्होंने कहा, “वे मेरी शैली की नकल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन किसी भी हालत में ऐसा नहीं कर सकते। देखते हैं कि वे इसे एक सप्ताह तक जारी रख पाते हैं या एक साल तक।”
कुमारस्वामी ने एनआईसीई अवसंरचना परियोजना में अनियमितताओं के खिलाफ अपने अभियान को दोहराते हुए कंपनी पर अदालती आदेशों और फ्रेमवर्क समझौते का उल्लंघन करने और किसानों को उनकी जमीन से वंचित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न तो शिवकुमार और न ही कंपनी ने उनके दस्तावेजों का जवाब दिया है।
उन्होंने हसन के उपायुक्त की कथित पिछली अनियमितताओं और गणेश प्रतिमा विसर्जन व्यवस्था के प्रबंधन को लेकर भी आलोचना की और जिला प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, “अगर प्रशासन आपस में समन्वय नहीं करेगा तो वह कैसे काम करेगा? ऐसा व्यवहार उचित नहीं है।”
--आईएएनएस
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