कर्नाटक स्टिंग ऑपरेशन विवाद: कांग्रेस विधायक गनिगा रवि का दावा, एक हफ्ते में जारी करेंगे सबूत
मांड्या, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के करीबी सहयोगी और कांग्रेस विधायक गनिगा रवि ने शुक्रवार को दावा किया कि वह कर्नाटक में स्टिंग ऑपरेशन विवाद के पीछे की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए एक हफ्ते के भीतर सबूत जारी करेंगे।
उन्होंने एक पेन ड्राइव दिखाते हुए कहा कि उनके पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज, ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद हैं।
कांग्रेस विधायक गनिगा रवि ने मांड्या में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह स्टिंग ऑपरेशन दिल्ली की एक एजेंसी ने एक केंद्रीय मंत्री और कर्नाटक के भाजपा नेता के कहने पर किया था, ताकि मंत्रियों को फंसाकर राज्य सरकार को शर्मिंदा किया जा सके।
उन्होंने कहा कि वह सही समय पर सबूत जारी करेंगे और एक हफ्ते के अंदर जांच अधिकारी को दस्तावेज सौंप देंगे। उन्होंने यह भी वादा किया कि वह यह सामग्री मीडिया को भी उपलब्ध कराएंगे।
गनिगा रवि ने दावा किया, "यह हिट एंड रन का मामला नहीं होगा। मेरे पास सबूत हैं जिनसे उस एजेंसी की पहचान हो सकती है जो इसमें शामिल थी। साथ ही उन लोगों की भी जो इस ऑपरेशन के पीछे थे, कितनी रकम दी गई, किन मंत्रियों से मुलाकात हुई और कौन-कौन से नेताओं के पर्सनल असिस्टेंट वहां मौजूद थे।"
उन्होंने दावा किया कि इस ऑपरेशन के तहत दिल्ली की एजेंसी के बेंगलुरु के एक होटल में ठहरने का इंतजाम किया गया था।
रवि के मुताबिक, योजना मंत्रियों को निशाना बनाकर स्टिंग ऑपरेशन करने और कांग्रेस सरकार को शर्मिंदा करने की थी। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि मंत्री किसी भी गलत काम में शामिल नहीं थे और वे उस जाल में नहीं फंसे।
रवि ने इस विवाद को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की उस चेतावनी से भी जोड़ने की कोशिश की, जो उन्होंने स्टिंग ऑपरेशन की आशंका के बीच अपने कैबिनेट सहयोगियों को सावधानी बरतने के लिए दी थी। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को इसलिए आगाह किया था, क्योंकि साजिश के बारे में सबूत मौजूद थे।
विधायक ने कहा कि वह सात दिनों के भीतर जांच अधिकारी के सामने सामग्री पेश करेंगे और उसके बाद मीडिया के सामने सबूत जारी करेंगे, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग शामिल हैं।
गनिगा रवि ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता गलत जानकारी फैला रहे हैं, क्योंकि वे मुख्यमंत्री के तौर पर शिवकुमार के नेतृत्व में हो रहे विकास की रफ्तार को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
ये आरोप कर्नाटक के मंत्रियों को निशाना बनाने वाले स्टिंग ऑपरेशन को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच सामने आए हैं। रवि ने अपने बयान के समय उन लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जिन पर उन्होंने आरोप लगाए थे और न ही सबूत जारी किए। उनके आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को दावा किया था कि सीएम बनने के बाद उन्हें स्टिंग ऑपरेशन के जरिए फंसाने की कोशिश की गई थी और कहा था कि उनके पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए तस्वीरें और दस्तावेज हैं।
सीएम डीके शिवकुमार ने दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पद संभालने के बाद कई लोग उनसे मिले थे और उन्होंने दावा किया कि उन्हें पता है कि स्टिंग ऑपरेशन के पीछे कौन था। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री बनने के बाद मुझे फंसाने की कोशिश की गई थी। कुछ लोग मेरे पास आए थे। मेरे पास तस्वीरें हैं। मैं जानता हूं कि इन स्टिंग ऑपरेशन का मास्टरमाइंड कौन है।"
--आईएएनएस
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