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भाजपा का दावा: कर्नाटक के मुख्यमंत्री की मंत्रियों को चेतावनी से विश्वसनीयता पर सवाल उठे

 

विजयपुरा, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने शुक्रवार को राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार द्वारा अपने कैबिनेट सहयोगियों को सतर्क रहने की चेतावनी देने की खबरों ने सरकार की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा था कि भाजपा नेता उन्हें फंसाने की कोशिश कर सकते हैं।

बी.वाई. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप बढ़ गए हैं। सरकार अपनी प्रशासनिक नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए एफआईआर और डराने-धमकाने के दूसरे तरीकों से भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है।

विजयपुरा में मीडिया से बात करते हुए विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि सरकार ने विकास करने में नाकाम रहने के साथ-साथ किसानों, गरीबों, युवाओं और महिलाओं की अनदेखी की है। ऐसे समय में जब किसान सूखे से जूझ रहे हैं और राज्य की आर्थिक हालत खराब हो रही है, सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए डराने-धमकाने का सहारा ले रही है।

उन्होंने कहा, "अगर सरकार सच में भ्रष्टाचार को लेकर चिंतित है, तो उसे निष्पक्ष जांच होने देनी चाहिए। विपक्ष पर आरोप लगाकर या पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज करके भ्रष्टाचार के आरोपों को खत्म नहीं किया जा सकता।"

विजयेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर भाजपा पूरे देश और कर्नाटक में 'सेवा संकल्प अभियान' चला रही है। इस अभियान के तहत विजयपुरा में सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

उन्होंने कहा कि मोदी 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री और 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही जनसेवा में लगे हुए हैं और लगातार तीसरी बार देश के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रहे हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा ने किसानों की परेशानी को उजागर करने और प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये की राहत, 5 लाख रुपये तक का कृषि ऋण माफ करने और खेती के कामों के लिए रोजाना आठ घंटे थ्री-फेज बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर लिंगसुगुर से बल्लारी तक 'बल्लारी चलो' पदयात्रा आयोजित की थी।

हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं का उचित समाधान करने में विफल रही है। विजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि प्रभावित किसान परिवारों के लिए घोषित 2,500 रुपये का मुआवजा भी ठीक से नहीं बांटा गया।

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की आलोचना करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि किसानों के प्रति चिंता जताना ही काफी नहीं है। सरकार को कृषि से जुड़ी समस्याओं को हल करने में भी उतनी ही दिलचस्पी दिखानी चाहिए जितनी वह टाउनशिप बनाने में दिखाती है।

विजयेंद्र ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कर्नाटक में किसानों का कर्ज माफ करने की मांग की। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के कार्यकाल में घोषित दूध उत्पादकों के लिए रुके हुए इंसेंटिव जारी करने और सूखे की स्थिति में सुधार होने तक कम से कम पांच महीने के लिए प्रति लीटर 5 रुपये का अतिरिक्त इंसेंटिव देने की भी मांग की।

उन्होंने कहा कि किसान फसल के नुकसान, बढ़ते कर्ज और पानी की कमी का सामना कर रहे हैं, जबकि परेशान किसानों द्वारा आत्महत्या की खबरें चिंता का विषय हैं।

--आईएएनएस

ओपी/एएस