तीसरे मोर्चे की संभावना तलाश रही डीएमके ने सीजेपी से किया संपर्क
चेन्नई, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को समर्थन देने से अटकलें तेज हो गई हैं। उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर थर्ड फ्रंट की कोशिश के तहत इस संगठन से संपर्क साध रही है।
यह संपर्क ऐसे समय में हुआ है जब डीएमके तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार के बाद भाजपा और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधनों से बाहर राजनीतिक जगह तलाश रही है। हालांकि, सीजेपी के साथ किसी गठबंधन या समझौते का ऐलान नहीं किया गया है।
एमके स्टालिन ने दिल्ली में सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी की निंदा की और कानूनी सहायता सहित डीएमके का समर्थन दिया। इसके बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने उनके इस कदम के लिए धन्यवाद दिया।
राजनीतिक गलियारों में इस बातचीत को डीएमके की दो प्रमुख राष्ट्रीय गुटों से बाहर की पार्टियों को एक साथ लाने की कोशिशों की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी का हस्तक्षेप गिरफ्तारियों और विरोध के अधिकार पर केंद्रित था।
डीएमके ने पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक के हिस्से के रूप में लड़ा था। विधानसभा चुनाव के बाद, कांग्रेस विजयी टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हो गई और दो मंत्री पद हासिल किए, जिससे उसके पूर्व सहयोगी को झटका लगा।
ए्आईएडीएमके के भाजपा के साथ गठबंधन और टीवीके के कांग्रेस के नेतृत्व वाले गुट से जुड़े होने के कारण, डीएमके के पास किसी भी गठबंधन में खुद को स्थापित करने के सीमित विकल्प हैं।
डीएमके की उप महासचिव कनिमोझी ने थर्ड फ्रंट की संभावना पर चर्चा के बीच पहले तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी, एनसीपी के नेता शरद पवार और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी। उन संपर्कों से कोई व्यवस्था नहीं बन पाई है।
ताजा घटनाक्रम दिल्ली में मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद आया है।
पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार किया। सवाल उठाते हुए एमके स्टालिन ने पूछा कि केंद्र सरकार कितने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर सकती है और कितनी युवा आवाजों को दबा सकती है।
उन्होंने कहा कि डीएमके गिरफ्तार सीजेपी पदाधिकारियों के साथ खड़ी रहेगी और सभी आवश्यक कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। एमके स्टालिन ने यह भी तर्क दिया कि और अधिक युवाओं को जेल में डालने से केवल और विरोध पैदा होगा। उन्होंने कहा कि बिना राजनीतिक जुड़ाव वाले आम नागरिक सड़कों पर उतर आएंगे।
हालांकि उनका बयान सीजेपी के साथ एकजुटता का संकेत देता है लेकिन क्या यह समर्थन व्यापक राजनीतिक समझ में विकसित होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि प्रस्तावित थर्ड फ्रंट को अभी एक परिभाषित संरचना या साझा कार्यक्रम मिलना बाकी है।
--आईएएनएस
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