स्टालिन का टीवीके सरकार पर बड़ा हमला, बोले-तमिलनाडु की प्रगति को पीछे धकेल रही राज्य सरकार
चेन्नई, 2 नवंबर (आईएएनएस)। डीएमके नेता एम.के. स्टालिन ने सोमवार को 'तमिलगा वेट्री कझगम' (टीवीके) सरकार पर तमिलनाडु की आर्थिक प्रगति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने जीएसटी राजस्व वृद्धि में सुस्ती और दक्षिण कोरिया के 1,614 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश को पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश की ओर मोड़े जाने की खबरों का हवाला दिया।
एक बयान में, स्टालिन ने कहा कि सामने आईं दो रिपोर्टें मौजूदा प्रशासन के तहत राज्य के विकास की राह में आई गिरावट को दर्शाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की अनदेखी के कारण तमिलनाडु की विकास बनाए रखने और निवेश आकर्षित करने की क्षमता कमजोर हो रही है।
पहली रिपोर्ट का जिक्र करते हुए, स्टालिन ने दावा किया कि तमिलनाडु में जीएसटी राजस्व की वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से नीचे आ गई है। उन्होंने इसे इस बात का संकेत बताया कि टीवीके शासन के तहत राज्य की आर्थिक गति धीमी पड़ रही है।
उनका दूसरा आरोप दक्षिण कोरिया से आने वाले 1,614 करोड़ रुपये के निवेश को लेकर था, जिसके तमिलनाडु में आने की उम्मीद थी। स्टालिन ने दावा किया कि टीवीके सरकार की उदासीनता के कारण यह निवेश तमिलनाडु के बजाय आंध्र प्रदेश चला गया।
डीएमके प्रमुख ने 'गाइडेंस तमिलनाडु' के कामकाज की भी आलोचना की, जो राज्य में निवेश आकर्षित करने और उसे सुविधाजनक बनाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि जिस संस्था ने कभी तमिलनाडु में निवेश लाने और राज्य को पहचान दिलाने में मदद की थी, वह अब मौजूदा प्रशासन के कुछ लोगों के 'अहंकार' की भेंट चढ़ रही है।
स्टालिन ने इन आरोपों को सरकार की प्राथमिकताओं पर अपनी व्यापक आलोचना से जोड़ते हुए कहा कि आर्थिक प्रबंधन और निवेश को बढ़ावा देने के काम को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि राजनीतिक नेतृत्व का पूरा ध्यान केवल चुनावी गतिविधियों पर है।
व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने दिखा दिया है कि कैसे इतने कम समय में कोई राज्य हर क्षेत्र में 'रिवर्स गियर' में जा सकता है।
मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए स्टालिन ने आरोप लगाया कि उन्हें इन घटनाक्रमों के महत्व की न तो समझ है और न ही वे इसके प्रति जागरूक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समस्याओं को सुलझाने के बजाय मुख्यमंत्री उपचुनाव वाले निर्वाचन क्षेत्रों में जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में लगे हुए हैं।
स्टालिन ने प्रशासन पर अपने हमले के केंद्र में निवेश के नुकसान और कमजोर टैक्स राजस्व वृद्धि को रखा। उन्होंने इन दोनों बातों को राज्य के विकास में आई गिरावट का संकेत बताया और नेतृत्व पर स्थिति की गंभीरता को न समझ पाने का आरोप लगाया।
स्टालिन ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर टीवीके का शासन जारी रहा, तो तमिलनाडु को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने जनता से मुश्किल समय के लिए तैयार रहने को कहा और आरोप लगाया कि सरकार का रवैया राज्य के आर्थिक भविष्य के लिए खतरा बन गया है।
--आईएएनएस
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