बंगाल: भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी ने सोना-चांदी जब्त की, चार गिरफ्तार
कोलकाता, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने भारत से नेपाल जा रही एक कार से सोना और चांदी जब्त की।
कार में सवार चार लोगों को गिरफ्तार कर सीमा शुल्क विभाग को सौंप दिया गया है।
यह घटना सुबह करीब 11:40 बजे पानी टंकी स्थित न्यू मेची ब्रिज पर रानीडांगा स्थित एसएसबी की 41वीं बटालियन की डी कंपनी के जवानों द्वारा नियमित जांच के दौरान हुई।
एसएसबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीमा खुफिया दल (बीआईटी) ने भारत से नेपाल जा रही चांदी के रंग की मारुति सुजुकी एर्टिगा को रोका, जिसमें चार लोग सवार थे।
अधिकारी ने बताया कि सामान की जांच के दौरान एक यात्री धनजीत पटगिरी (47) के पास एक बैग मिला जिसमें सोने की छड़ें और सोने-चांदी के सिक्के होने का संदेह था। पटगिरी और अन्य लोगों से पूछताछ की गई।
सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया क्योंकि वे दस्तावेज प्रस्तुत करने या वस्तुओं के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल रहे।
अधिकारी के अनुसार, जब्त की गई वस्तुओं में लगभग 10 ग्राम वजन की चार सोने की छड़ें, लगभग 20 ग्राम वजन के तीन सोने के सिक्के और 100 ग्राम का एक चांदी का सिक्का शामिल था।
पटगिरी के अलावा, कार में सवार अन्य लोगों की पहचान आशीष पोद्दार (33), विकास अग्रवाल (36) और चालक नबा कुमार रॉय (41) के रूप में हुई है।
यह अभी तक पता नहीं चल पाया है कि अन्य लोगों को पता था कि पटगिरी क्या ले जा रहा था।
अधिकारी ने कहा कि यह जब्ती और गिरफ्तारी सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 110 के तहत की गई है।
उन्होंने आगे बताया कि जब्त की गई वस्तुएं, वाहन और गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पानीटंकी स्थित सीमा शुल्क कार्यालय को सौंप दिया गया है।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि पटगिरी नेपाल में सोना और चांदी क्यों ले जा रहा था, कुछ लोगों का मानना है कि वह वहां इन्हें बेचने की योजना बना रहा था।
अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या ये वस्तुएं उसी की हैं।
इस समय भारत में सोना और चांदी नेपाल की तुलना में सस्ते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि तस्कर अक्सर सीमा पार कीमती धातुओं को ले जाकर ऊंचे दामों पर बेचने का प्रयास करते हैं।
यह एक खुली सीमा है, और दोनों देशों के नागरिकों को बिना पासपोर्ट या वीजा के आने-जाने की अनुमति है।
यह एसएसबी के लिए एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि हर व्यक्ति की तलाशी लेना संभव नहीं है।
सैनिक अब सीमा पार अपराधियों को पकड़ने के लिए खुफिया जानकारी पर निर्भर हैं।
--आईएएनएस
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