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असम चुनाव : निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के तहत श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल ने कामरूप जिले में किया मतदान केंद्र का दौरा

 

दिसपुर, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। असम में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के बीच गुरुवार को श्रीलंकाई प्रतिनिधियों ने कामरूप जिले के एक पोलिंग स्टेशन का दौरा किया। वे 'अंतरराष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम' (आईईवीपी) के तहत भारत की चुनाव प्रक्रिया को समझने के लिए असम दौरे पर पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने एक पौधा भी लगाया।

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर यह जानकारी शेयर करते हुए लिखा, "असम के कामरूप जिले में एक मतदान केंद्र के दौरे के दौरान एक श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल ने 'अंतरराष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम' (आईईवीपी) के तहत चुनाव प्रक्रिया को देखने के साथ-साथ एक पौधा भी लगाया। यह पर्यावरण-अनुकूल चुनावों का एक संदेश है।"

इससे पहले, 7 अप्रैल को निर्वाचन आयोग ने नई दिल्ली में असम, केरल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के आगामी आम चुनावों के लिए आईईवीपी 2026 की शुरुआत की थी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्तों एसएस संधू और विवेक जोशी के साथ मिलकर 'भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान' में इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

अपने उद्घाटन भाषण में सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग भारत में चुनावों को लोकतंत्र का उत्सव मानता है और स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड में काम करता है। उन्होंने दौरे पर आए प्रतिनिधियों को इसके लिए भी प्रोत्साहित किया कि वे भारत में अपने समय का सदुपयोग करें और देश की विविधता को करीब से देखें, समझें और अनुभव करें।

इस कार्यक्रम के पहले चरण में प्रतिनिधिमंडल असम, केरल और पुडुचेरी का दौरा कर रहा है। दूसरे चरण में, वे 20 अप्रैल से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की यात्रा करेंगे। इस कार्यक्रम के पहले चरण में, 23 देशों के कुल 43 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जिनमें दिल्ली स्थित 5 विदेशी दूतावासों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

इस पहल के तहत, प्रतिनिधियों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) का प्रदर्शन दिखाया गया और उन्होंने वोटिंग प्रक्रिया का सीधा अनुभव हासिल करने के लिए एक 'मॉक पोल' में भी हिस्सा लिया। उन्होंने भारत की चुनावी प्रणाली में शामिल तकनीकी नवाचारों और प्रशासनिक सुरक्षा उपायों में रुचि दिखाई।

प्रतिनिधियों ने विशेषज्ञों के साथ आयोजित संवाद सत्रों में भी भाग लिया, जहां उन्हें अपने सवालों के जवाब पाने और भारत में चुनाव प्रबंधन की कार्यप्रणालियों के बारे में जानकारी हासिल करने का अवसर मिला।

--आईएएनएस

डीसीएच/