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मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से हादसा: एफआईआर में 20 लोगों के नाम, 10 गिरफ्तार

 

सागर, 6 सितंबर (आईएएनएस)। रविवार को मध्य प्रदेश के सागर जिले के बांदा पुलिस स्टेशन में 20 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। यह एफआईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 105, 3(5), और 123 तथा मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 49-ए के तहत दर्ज की गई है।

पुलिस ने अब तक एफआईआर में नामजद 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। संदिग्ध शराब के स्रोत और सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है।

यह हादसा सागर जिले के बांदा और शाहगढ़ तहसील इलाकों में संदिग्ध जहरीली और अवैध शराब पीने के बाद हुआ।

शुरुआती रिपोर्टों में 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

यह घटना नौराज, गुगरा खुर्द, दलपतपुर, पाटन, चौका, छपरी और बामुरा भेरा जैसे गांवों में हुई।

संदिग्ध शराब पीने के बाद कई ग्रामीण अचानक बीमार पड़ गए और उन्हें तुरंत बांदा अस्पताल, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

गंभीर रूप से बीमार एक मरीज को बेहतर इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस से भोपाल भेजा गया है।

मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए विसरा और शराब के सैंपल फोरेंसिक और केमिकल जांच के लिए भेजे गए हैं।

हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।

सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने विशेष पुलिस टीमें बनाईं, जिन्होंने कई जगहों पर छापेमारी की।

मध्य प्रदेश में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

इस बीच, ग्वालियर के आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने सागर के सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बांदा आबकारी उप-निरीक्षक रोशनी उरेते को सस्पेंड करने की पुष्टि की।

इसके अलावा, गुगरा चौकी प्रभारी पूरन लाडिया और बांदा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाहा को भी सस्पेंड कर दिया गया है।

उप मुख्यमंत्री और जिला प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने सागर जिले का दौरा किया और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों से मुलाकात की।

उन्होंने डॉक्टरों को मरीजों की सही देखभाल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

मीडिया से बात करते हुए उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन जो लोग अभी इलाज करा रहे हैं, वे खतरे से बाहर हैं।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस घटना की पूरी समीक्षा की जाएगी, निष्पक्ष जांच होगी, और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से अपील की है कि वे किसी भी गैर-कानूनी या संदिग्ध शराब का सेवन न करें।

लोगों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे अवैध शराब के निर्माण या बिक्री के बारे में कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।

--आईएएनएस

एमएस/