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पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए दिल्ली में लगाए जाएंगे विशेष शिविर

 

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर से गुरुवार को घोषणा की गई कि पात्र मतदाता, सूची में शामिल होने से छूट न जाएं, इसके लिए दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर 18 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही 'फॉर्म 6' भरने के लिए भी एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

सीईओ कार्यालय की ओर से एक बयान में कहा गया, "दिल्ली के सभी विधानसभा क्षेत्रों में पात्र मतदाताओं को शामिल करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।"

इसमें बताया गया है कि 13 जिला चुनाव अधिकारी, 70 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), 902 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), 1,313 बीएलओ सुपरवाइजर और 14,947 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं कि कोई भी पात्र मतदाता वोटर लिस्ट से न छूटे। इसके लिए एक 'सक्रिय अभियान' जारी रहेगा।

सीईओ कार्यालय ने जिला-स्तरीय नोडल अधिकारियों की जानकारी देते हुए कहा, "अगर किसी व्यक्ति को मतदाता सूची से जुड़ी कोई शिकायत है या फॉर्म-6 भरने में मदद चाहिए, तो वे बेझिझक हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, कार्यालय के समय के दौरान जिला चुनाव अधिकारी (जिला स्तर) या निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (विधानसभा स्तर) के कार्यालय में बने हेल्पडेस्क से भी संपर्क किया जा सकता है।"

इसमें आगे कहा गया, "ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम जांच लें। 30 अक्टूबर 2026 से पहले अपना दावा या आपत्ति दर्ज कराएं।"

फॉर्म 6 उन नए पात्र मतदाताओं के लिए आवेदन पत्र है, जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है। फॉर्म 7 मौजूदा मतदाता सूची में किसी नाम को जोड़ने या हटाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए है। वहीं, फॉर्म 8 का उपयोग निवास बदलने, मौजूदा मतदाता सूची में जानकारी ठीक करने, ईपीआईसी (वोटर आईडी) बदलने या दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी) होने की जानकारी दर्ज कराने के लिए किया जाता है।

चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार चलाए जा रहे इन अभियानों का उद्देश्य हर पात्र भारतीय नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना और नामांकन, सुनवाई प्रक्रिया तथा जानकारी में सुधार से जुड़ी शिकायतों का समाधान करना है।

विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव अधिकारियों ने दोहराया है कि इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किया जाए, और उन्हें अपना नाम जुड़वाने या किसी भी तरह की गड़बड़ी को ठीक कराने के लिए आसान तरीके उपलब्ध कराए जाएं।

--आईएएनएस

एसडी/एबीएम