रेलवे की तमिलनाडु सरकार से मांग, पटरियों के पास की 43 शराब दुकानें शिफ्ट की जाएं
चेन्नई, 27 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण रेलवे ने तमिलनाडु सरकार से चेन्नई और आसपास के जिलों में स्टेशनों और पटरियों के पास मौजूद टैसमैक शराब की 43 दुकानों को दूसरी जगह शिफ्ट करने को कहा है।
रेलवे ने इसके लिए पटरियों पर अनाधिकृत रूप से चलने से होने वाली मौतों, दुर्घटनाओं और यात्रियों की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों का हवाला दिया है।
टैसमैक तमिलनाडु सरकार के स्वामित्व वाली एक कंपनी है, जिसका राज्य में शराब के थोक और खुदरा व्यापार पर पूरा नियंत्रण (एकाधिकार) है।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, चेन्नई रेलवे डिवीजन ने सबसे पहले सितंबर 2024 में और फिर मई 2025 में राज्य सरकार द्वारा संचालित शराब विक्रेता को पत्र लिखा था। कोई जवाब न मिलने पर, इस साल जुलाई में यह मामला मुख्य सचिव के सामने उठाया गया।
जिन आउटलेट्स की पहचान की गई है, वे चेन्नई, तिरुवल्लूर, वेल्लोर, तिरुपत्तूर, रानीपेट और कांचीपुरम जिलों में स्थित हैं। रेलवे अधिकारियों ने रॉयपुरम, कोरुकुपेट, पेराम्बुर, जोलारपेट, विल्लीवक्कम, अवादी, एन्नोर, तिरुवलंगडु और नंदीअम्बक्कम जैसी जगहों की पहचान की है।
अधिकारियों का कहना है कि दुकानों के पास शराब पीने वाले लोग कभी-कभी रेलवे की प्रॉपर्टी में घुस जाते हैं, खतरनाक जगहों पर पटरियां पार करते हैं, ट्रेनों में खतरनाक तरीके से यात्रा करते हैं या प्लेटफॉर्म और कोच के अंदर सो जाते हैं।
उन्होंने महिला यात्रियों के साथ छेड़छाड़, रेलवे कर्मचारियों को परेशान करने, गंदगी फैलाने, चोरी करने और तांबे के सिग्नल वायर जैसी रेलवे की चीजों के साथ छेड़छाड़ की भी शिकायतें की हैं।
यात्री प्रतिनिधियों ने बताया कि अम्बाटुर, तिरुवल्लुर, अवादी और ताम्बरम सैनिटोरियम स्टेशनों के पास यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। अंबत्तूर में कुछ ग्राहक लोकल ट्रेनों में शराब ले जाते हैं और कोच के फर्श पर बैठ जाते हैं।
खबरों के मुताबिक, तिरुवल्लूर का सब-वे शराब पीने की जगह बन गया है, जिससे महिलाएं अंधेरा होने के बाद इसका इस्तेमाल करने से कतराती हैं। अवाडी में स्टेशन रोड पर एक आउटलेट के पास जमा होने वाले लोगों के समूहों की वजह से स्टेशन, अस्पताल और मंदिर तक आने-जाने में परेशानी होती है।
हालांकि, टैसमैक अधिकारियों का कहना है कि दूसरी जगह ढूंढना मुश्किल है। कॉर्पोरेशन ने तमिलनाडु में 100 से ज्यादा आउटलेट को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर विचार किया है लेकिन कई प्रस्तावित जगहों पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई या वे जगहें सही नहीं पाई गईं।
हाल के महीनों में रेलवे प्रतिष्ठानों के पास कम से कम सात दुकानें बंद कर दी गई हैं या दूसरी जगह शिफ्ट कर दी गई हैं।
टीवीके सरकार ने हाल ही में शिक्षण संस्थानों, पूजा स्थलों और बस स्टैंड के 500 मीटर के दायरे में आने वाले 717 टैसमैक आउटलेट बंद कर दिए हैं।
टैसमैक के एक अधिकारी ने बताया कि शराब की दुकानों और रेलवे ट्रैक के बीच की दूरी को लेकर कोई खास नियम नहीं है। अधिकारी ने कहा कि कई राज्य इस बारे में गाइडलाइंस बनाने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि देश भर में 17,000 से ज्यादा शराब की दुकानें रेलवे ट्रैक के पास स्थित हैं।
टैसमैक कर्मचारी संघ के एक अधिकारी ने सुझाव दिया कि रेलवे बोर्ड को सही नियमों के बारे में कोर्ट से निर्देश लेने चाहिए। रेलवे चाहता है कि व्यस्त यात्री कॉरिडोर के आस-पास जोखिम कम करने के लिए इन आउटलेट्स को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए।
--आईएएनएस
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