अगर डीएमजेड धमाके के पीछे हुआ उत्तर कोरिया का हाथ तो 'जवाबी कार्रवाई' संभव : दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री
सोल, 28 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल ने सोमवार को कहा कि अगर इस बात की पुष्टि हो जाती है कि डिमिलिटराइज्ड जोन (डीएमजेड) के अंदर हाल ही में हुआ धमाका उत्तर कोरिया की बिछाई बारूदी सुरंगों (लैंड माइन्स) की वजह से हुआ था, तो "उचित, ठोस और जवाबी" कदम उठाए जाएंगे।
कांग ने नेशनल असेंबली में मुख्य विपक्षी पार्टी 'पीपल्स पावर पार्टी' (पीपीपी) के नेता जांग डोंग-ह्योक से मुलाकात के बाद पत्रकारों से ये बात कही। पत्रकारों ने मंत्री से पूछा कि अगर पक्के तौर पर यह पता चल जाता है कि धमाके की वजह हाल ही में उत्तर कोरिया द्वारा बिछाई गई लैंड माइन्स थीं, तो सरकार क्या कदम उठाएगी।
21 सितंबर को दोनों कोरिया को अलग करने वाले डीएमजेड (असैनिक क्षेत्र) के अंदर, मिलिट्री डिमार्केशन लाइन के दक्षिण में एक धमाका हुआ था। जिसमें दक्षिण कोरिया के दो सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना में दो अलग-अलग धमाके हुए थे और शक है कि ये उत्तर कोरियाई लैंड माइन्स की वजह से हुए थे।
योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, कांग से उस मीडिया रिपोर्ट के बारे में भी पूछा गया जिसमें कहा गया था कि सैनिकों ने धमाके वाली जगह के पास उत्तर कोरियाई लकड़ी के बक्से वाली लैंड माइन देखी थी। उन्होंने कहा, "ऐसे बयान भी हैं जिनसे पता चलता है कि यह लकड़ी के बक्से वाली लैंड माइन नहीं थी।"
मंत्री ने कहा, "उस डिवाइस की असल प्रकृति का पता लगाना मुश्किल है। लेकिन चूंकि अभी मौके पर जांच चल रही है, इसलिए जैसे ही जानकारी साफ हो जाएगी, हम जनता को पारदर्शी तरीके से बताएंगे।"
विपक्ष की इस आलोचना पर कि सरकार घटना को कम करके आंकने या छिपाने की कोशिश कर रही है, कांग ने कहा कि सेना का कुछ भी छिपाने का कोई इरादा नहीं है और वह इस मामले को पारदर्शी तरीके से निपटाएगी।
"मैं फिर से कहना चाहता हूं कि जानबूझकर कोई देरी या मामले को छिपाने की कोशिश नहीं की गई।"
सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी (डीपी) के प्रतिनिधि किम ब्युंग-जू ने पत्रकारों को भेजे एक टेक्स्ट मैसेज में कहा कि संसदीय राष्ट्रीय रक्षा समिति धमाके के बारे में संबंधित अधिकारियों से सवाल-जवाब करने के लिए मंगलवार को एक पूर्ण सत्र आयोजित करने पर सहमत हो गई है।
इस मुद्दे से निपटने के तरीके को लेकर डीपी और पीपीपी के बीच मतभेद रहे हैं; डीपी ने घटनास्थल के संयुक्त निरीक्षण का प्रस्ताव दिया है, जबकि पीपीपी ने रक्षा समिति द्वारा सुनवाई की मांग की है।
समिति के डीपी सदस्य दिन में पहले अपने पीपीपी सहयोगियों के बिना ही डीएमजेड के लिए रवाना हो गए थे।
समिति के वरिष्ठ पीपीपी सदस्य प्रतिनिधि लिम जोंग-ड्यूक ने पत्रकारों को बताया कि उनकी पार्टी ने मंगलवार को सुनवाई के लिए डीपी के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।
--आईएएनएस
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