किम यो-जोंग की धमकी के बाद दक्षिण कोरिया बोला, उकसावे पर देंगे निर्णायक जवाब
सोल, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया ने मंगलवार को कहा कि यदि उत्तर कोरिया कोई और उकसाने वाली कार्रवाई करता है तो उसका निर्णायक जवाब दिया जाएगा। यह प्रतिक्रिया उस चेतावनी के बाद आई है जिसमें प्योंगयांग ने दोनों देशों की सीमा पर दक्षिण कोरिया की ओर से की गई चेतावनी फायरिंग के जवाब में सैन्य तनाव बढ़ाने की धमकी दी थी।
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने यह बयान उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की प्रभावशाली बहन किम यो-जोंग के बयान के एक दिन बाद जारी किया। किम यो-जोंग ने सोल के खिलाफ प्रचार प्रसारण के लिए लाउडस्पीकर अभियान दोबारा शुरू करने और दोनों कोरियाओं को अलग करने वाले असैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) के पास अधिक सामरिक हमलावर संसाधन तैनात करने की चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि सीमा की स्थिति बेहद अस्थिर हो गई है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा, "हमारी सेना द्वारा युद्धविराम समझौते के तहत की गई वैध कार्रवाई की किम यो-जोंग द्वारा आलोचना और सैन्य धमकियों के जरिए तनाव बढ़ाने पर मंत्रालय गंभीर चिंता व्यक्त करता है।"
मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यदि उत्तर कोरिया हमारी वैध कार्रवाई को बहाना बनाकर आगे कोई उकसावे वाली हरकत करता है तो उसका कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
मंत्रालय ने प्योंगयांग से सैन्य सीमांकन रेखा (एमडीएल) के दक्षिण में घुसपैठ और निराधार दावों को बंद करने तथा सीमा से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए सियोल की अपील का जवाब देने का आग्रह किया।
दोनों देशों के बीच तनाव 21 सितंबर को डीएमजेड में हुए बारूदी सुरंग विस्फोटों के बाद बढ़ गया, जिसमें दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गए थे। सोल और संयुक्त राष्ट्र कमान (यूएनसी) का कहना है कि युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करते हुए उत्तर कोरिया द्वारा बिछाई गई एंटी-पर्सनल माइंस के कारण यह घटना हुई, हालांकि उत्तर कोरिया ने इसमें किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है।
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया कि किम यो-जोंग स्थिति को और तनावपूर्ण बना रही हैं तथा सीमा पर बढ़ते तनाव के लिए सोल को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रही हैं। मंत्रालय ने कहा कि वह युद्धविराम समझौते के सिद्धांतों के अनुसार जवाब देगा।
सरकारी मीडिया में जारी एक टिप्पणी में किम यो-जोंग ने अगस्त से अब तक दक्षिण कोरिया द्वारा की गई चेतावनी फायरिंग और लाउडस्पीकर प्रसारण के आंकड़े गिनाए और आरोप लगाया कि इनका उद्देश्य उत्तर कोरिया की सीमा किलेबंदी गतिविधियों में बाधा डालना है।
सोल ने दोहराया कि चेतावनी प्रसारण और फायरिंग पूरी तरह वैध और रक्षात्मक कदम हैं, जिनका उद्देश्य उत्तर कोरियाई सैनिकों को एमडीएल पार करने से रोकना और सीमा का उल्लंघन करने वालों को पीछे धकेलना है।
दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) के अध्यक्ष जनरल जिन योंग-सुंग ने मंगलवार को अग्रिम मोर्चे की एक इकाई का दौरा कर सैनिकों को निर्देश दिया कि वे किसी भी कार्रवाई का सख्ती से जवाब दें। उन्होंने सीमा पर बढ़ते तनाव के लिए सियोल को दोषी ठहराने पर उत्तर कोरिया की आलोचना भी की।
जेसीएस के अनुसार, जनरल जिन ने डीएमजेड में दक्षिण कोरिया की रणनीतिक बढ़त मजबूत करने के लिए आवश्यक सैन्य अभियान चलाने का भी निर्देश दिया। एक अधिकारी ने बताया कि रणनीतिक बढ़त का मतलब ऐसी सैन्य क्षमता विकसित करना है जिससे परिचालन लक्ष्यों को हासिल करने और अभियानों को वांछित दिशा में आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाई जा सकें। सुरक्षा कारणों से इन अभियानों के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, डीएमजेड में बढ़त मजबूत करने की रणनीति में गश्त के लिए नए मार्ग तैयार करना, सैन्य उपकरणों की आवाजाही के रास्ते बनाना, निगरानी में कमी को दूर करने के लिए बहुउद्देश्यीय निगरानी टावर और वापस खींचे जा सकने वाले अग्रिम चौकियों की स्थापना जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि यदि उत्तर कोरिया फिर से प्रचार लाउडस्पीकर अभियान शुरू करता है तो दक्षिण कोरिया भी जवाबी कार्रवाई के तौर पर अपने लाउडस्पीकर प्रसारण दोबारा शुरू करने के विकल्प से इनकार नहीं करता।
अधिकारी ने कहा, "यदि उत्तर कोरिया ऐसा करता है तो हमें भी उसी के अनुरूप जवाबी कदम उठाने होंगे। हम किसी भी विकल्प को खारिज नहीं कर रहे हैं।"
जेसीएस के एक अधिकारी ने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया दक्षिण कोरिया की चेतावनी फायरिंग और प्रसारण का बारीकी से हिसाब रख रहा है।
--आईएएनएस
वीसी