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दक्षिण कोरिया-जापान ने क्षेत्रीय शांति के लिए अमेरिका के साथ त्रिपक्षीय रक्षा सहयोग दोहराया

 

सियोल, 8 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया और जापान के वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने मंगलवार को अमेरिका के साथ त्रिपक्षीय रक्षा सहयोग को कोरियाई प्रायद्वीप और व्यापक इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। दोनों देशों ने रक्षा आदान-प्रदान और सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

दक्षिण कोरिया के उप रक्षा मंत्री ली डू-ही और जापान के उप रक्षा मंत्री अत्सुशी एंडो के बीच सियोल डिफेंस डायलॉग (एसडीडी) के दौरान यह बैठक हुई। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय तथा त्रिपक्षीय सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने आपसी समझ और विश्वास के आधार पर स्थिर, पारस्परिक रूप से लाभकारी और भविष्य उन्मुख रक्षा सहयोग को लगातार मजबूत करने पर भी सहमति व्यक्त की।

जापानी रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी इस सम्मेलन में शामिल नहीं हुए। उनकी जगह उप रक्षा मंत्री अत्सुशी एंडो ने भाग लिया। कोइज़ुमी ने हाल ही में टोक्यो स्थित एक विवादित युद्धकालीन स्मारक का दौरा किया था, जिसे जापान के साम्राज्यवादी अतीत का प्रतीक माना जाता है। इस दौरे की दक्षिण कोरिया और अन्य पड़ोसी देशों ने आलोचना की थी।

बैठक के इतर ली डू-ही ने फिनलैंड के रक्षा मंत्रालय के स्थायी सचिव याने कूसेला से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और यूरोप तथा इंडो-पैसिफिक के बीच बढ़ते सुरक्षा सहयोग के मद्देनजर द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की।

दोनों देशों ने रक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रक्षा उद्योग और मौजूदा साझेदारियों, विशेष रूप से के-9 सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर परियोजना, के आधार पर सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई।

इसके अलावा ली डू-ही ने मलेशिया के रक्षा महासचिव लोकमान हकीम बिन अली और सिंगापुर के रक्षा राज्य मंत्री डेसमंड चू से अलग-अलग मुलाकात कर रक्षा सहयोग और हथियार निर्माण के क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा की।

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सियोल डिफेंस डायलॉग 2026 इस वर्ष “उथल-पुथल के दौर में नए सह-अस्तित्व की ओर” विषय के साथ आयोजित किया जा रहा है।

--आईएएनएस

डीएससी