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दक्षिण कोरिया में जनसंख्‍या वृद्धि‍ में लगातार 24वें महीने बढ़ोतरी, सोच में सकारात्मक बदलाव का दिखा असर

 

सोल, 26 अगस्त (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया में जून महीने के दौरान जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या पिछले साल की तुलना में 15.6 प्रतिशत बढ़ी है। यह लगातार 24वां महीना है जब जन्म दर में साल-दर-साल बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह जानकारी बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों में सामने आई।

डेटा और सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार, जून में कुल 23,111 बच्चों का जन्म हुआ, जबकि पिछले साल इसी महीने यह संख्या 19,996 थी। यानी एक साल में 3,115 बच्चों की बढ़ोतरी हुई।

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह वृद्धि दर 1981 के बाद सबसे अधिक है, जब सरकार ने इस तरह का डेटा इकट्ठा करना शुरू किया था। वहीं, बच्चों की संख्या में वास्तविक बढ़ोतरी भी 1992 के बाद सबसे बड़ी रही है। उस साल जन्मों की संख्या में 3,666 की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।

देश की कुल फर्टिलिटी रेट जून में बढ़कर 0.88 हो गई। यह पिछले साल की तुलना में 0.11 अंक ज्यादा है।

दक्षिण कोरिया में जुलाई 2024 से जन्मों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया बढ़ोतरी के पीछे शाद‍ियों की संख्या में वृद्धि और बच्चों को लेकर लोगों की सोच में आए सकारात्मक बदलाव जैसे कारण हैं।

डेटा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “मई 2023 के बाद, महामारी खत्म होने के साथ विवाह की संख्या फिर से बढ़ने लगी है। साथ ही, 30 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं की संख्या बढ़ने से भी जन्मों में बढ़ोतरी देखने को मिली है।”

अधिकारी ने कहा कि 2024 और 2025 में साल के दूसरे हिस्से में आमतौर पर जन्मों की संख्या ज्यादा रही है। ऐसे में इस वर्ष वार्षिक प्रजनन दर 0.9 तक पहुंच सकती है, हालांकि इस बारे में अभी अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

जनवरी से जून 2025 की अवधि में कुल 1,45,804 बच्चों का जन्म हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 15.4 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़ा 2019 के बाद सबसे ऊंचा है। साथ ही, संख्या और वृद्धि दर दोनों के लिहाज से यह अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है।

जून में शादियों की संख्या भी पिछले साल की तुलना में 14 प्रतिशत बढ़कर 21,075 हो गई।

वहीं, तलाक के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। जून में कुल 7,688 तलाक हुए, जो एक साल पहले की तुलना में 13.5 प्रतिशत ज्यादा हैं।

आंकड़ों के अनुसार, जून में मौतों की संख्या भी दो प्रतिशत बढ़कर 27,794 हो गई। इसके कारण देश की प्राकृतिक जनसंख्या (जन्म और मृत्यु के अंतर के आधार पर) में 4,683 लोगों की कमी दर्ज की गई।

--आईएएनएस

एवाई/पीएम