दक्षिण अफ्रीका: एएनसी ने स्थानीय चुनावों के लिए जारी किया घोषणा पत्र, पानी-बिजली और भ्रष्टाचार पर फोकस
जोहान्सबर्ग, 24 अगस्त (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीका की सत्तारूढ़ पार्टी अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) ने देश में चार नवंबर को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अपना घोषणा पत्र जारी करते हुए स्थानीय प्रशासन और बुनियादी सेवाओं में सुधार का वादा किया है।
एएनसी अध्यक्ष सिरिल रामाफोसा ने रविवार को जोहान्सबर्ग के उत्तर में स्थित डीप्सलूट में पार्टी का 2026 स्थानीय निकाय चुनाव घोषणा पत्र जारी किया। उन्होंने कहा कि एएनसी की प्राथमिकताओं में लोगों को बेहतर पानी, बिजली और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराना, स्थानीय प्रशासन को मजबूत बनाना, आर्थिक विकास और रोजगार बढ़ाना, सुरक्षित समुदायों का निर्माण करना और भ्रष्टाचार से लड़ना शामिल है।
उन्होंने बताया कि घोषणा पत्र तैयार करने से पहले पार्टी ने देशभर के लोगों से सलाह-मशविरा किया। इसमें कांग्रेस ऑफ साउथ अफ्रीकन ट्रेड यूनियन्स, साउथ अफ्रीकन नेशनल सिविक ऑर्गनाइजेशन, वकीलों के संगठनों और अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लोगों के सुझाव भी शामिल किए गए।
रामाफोसा ने कहा कि एएनसी बिजली और पानी की भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार का काम जारी रखेगी। साथ ही सार्वजनिक स्थानों को और सुरक्षित बनाया जाएगा।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने राष्ट्रपति के हवाले से बताया कि पार्टी ने एक इंटीग्रिटी कमीशन और 'स्टेप-असाइड' नियम लागू किया है। इस नियम के तहत भ्रष्टाचार सहित किसी गंभीर अपराध के मामले में अदालत में आरोपित पार्टी सदस्यों को अपने पद से हटना होगा, जब तक कि उनके मामलों का अंतिम फैसला नहीं हो जाता।
रामाफोसा ने कहा कि एएनसी नगर पालिकाओं को 'विकास के इंजन' में बदलना चाहती है। इसके लिए निवेश आकर्षित करने और नए रोजगार पैदा करने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय और प्रांतीय सरकारें छोटे व्यवसायों को शुरू करने या उन्हें चलाए रखने में मदद के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेंगी।
उन्होंने व्यापार और आर्थिक विकास के लिए सुरक्षा को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियां कम्युनिटी पुलिसिंग फोरम्स के साथ मिलकर सड़कों, मोहल्लों और सार्वजनिक परिवहन में अपराध से निपटने के लिए काम करेंगी।
रामाफोसा ने कहा कि स्थानीय प्रशासन आव्रजन कानूनों को लागू कराने में भी मदद करेगा। इसके अलावा, सरकार 10 हजार श्रम निरीक्षकों की नियुक्ति करेगी, जो कंपनियों का दौरा करके नियमों के पालन की जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि वहां काम करने वाले लोग कानूनी रूप से देश में रह रहे हैं।
--आईएएनएस
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