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महादेव ऐप घोटाला: सीबीआई को मिली सौरभ चंद्राकर की 8 दिन की कस्टडी

 

रायपुर, 4 नवंबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने बुधवार को महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को आठ दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। अदालत ने पेशी के दौरान सीबीआई की रिमांड याचिका स्वीकार कर ली।

अब सीबीआई की टीम सौरभ चंद्राकर को पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय ले जाएगी। उसे 12 नवंबर को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी और वकील भी मौजूद रहे। ईडी ने भी सौरभ चंद्राकर की रिमांड की मांग की है।

चंद्राकर के वकील तुषार गिरी ने सीबीआई की रिमांड याचिका का विरोध करते हुए इसे अनुचित बताया। सुनवाई को देखते हुए अदालत परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

करीब 6,000 करोड़ रुपए के कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को सीबीआई मंगलवार को दिल्ली से रायपुर लेकर आई थी। एजेंसी उसे ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाई है। इससे पहले सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने उसे दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर सीबीआई को सौंप दिया था।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मामले के मुख्य आरोपी को भारत वापस लाया जा चुका है और सीबीआई की पूछताछ में कई अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने हितों के लिए लोकतंत्र को कमजोर किया और अब लोकतांत्रिक मूल्यों की बात कर रही है।

वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सौरभ चंद्राकर को भारत लाया जा चुका है, लेकिन सह-आरोपी रवि उप्पल और शुभम सोनी अब भी फरार हैं। उन्होंने शुभम सोनी का ठिकाना पूछते हुए कहा कि 2023 के चुनावों के दौरान महादेव ऐप से जुड़ा वीडियो उसी ने जारी किया था।

दीपक बैज ने दावा किया कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान इस मामले में 72 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई थीं और कई छापेमारी व गिरफ्तारियां भी हुई थीं।

इससे पहले सौरभ चंद्राकर के वकील ने प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने ओमान की अदालत के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि भारत के अनुरोध को केवल ईडी के मामले में मंजूरी मिली थी, सीबीआई के मामले में नहीं। इसलिए उनके मुवक्किल के खिलाफ केवल उन्हीं मामलों में कार्रवाई की जा सकती है, जिनके आधार पर उनका प्रत्यर्पण हुआ है।

सीबीआई महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े मामलों की जांच कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले की 13 एफआईआर सीबीआई को सौंपी थीं, जिनमें से दो मामलों में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।

दूसरी ओर, ईडी धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के पहलू की जांच कर रही है और सौरभ चंद्राकर के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दर्ज कर चुकी है।

सीबीआई के अनुसार, सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगियों ने महादेव ऐप को बढ़ावा दिया, ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए कई प्लेटफॉर्म बनाए और उससे अर्जित धन को विभिन्न बैंक खातों के जरिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भेजा।

सौरभ चंद्राकर वर्ष 2023 से दुबई में फरार था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। उसे 8 जुलाई को ओमान की रॉयल पुलिस ने गिरफ्तार किया था और 116 दिनों बाद 1 नवंबर को भारत लाया गया।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी