ईरान के हालात अभी भी गंभीर, भारतीयों की हर संभव मदद का प्रयास कर रहा दूतावास : विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत ने शुक्रवार को कहा कि ईरान की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की मदद के हर संभव प्रयास कर रहा है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता ने शुक्रवार को पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि अब तक 2,400 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालकर भारत वापस लाया जा चुका है।
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “ईरान और उस क्षेत्र में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। हालांकि अभी के लिए संघर्ष-विराम है, लेकिन आप जानते हैं कि शुरुआत से अब तक ईरान और आसपास के देशों में हालात कितने कठिन रहे हैं। इसके बावजूद हमारा दूतावास तेहरान में लगातार काम कर रहा है। यह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है कि वहां हमारे राजदूत और पूरी टीम लगातार देश के हित में काम कर रही है। वे लोगों की मदद कर रहे हैं। उनके प्रयासों से हमने अब तक 2,400 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालकर घर वापस पहुंचाया है। उनका समर्पण वाकई सराहनीय है।”
इससे पहले इसी हफ्ते, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एकतरफा तौर पर ईरान के साथ संघर्ष-विराम को अनिश्चित समय के लिए बढ़ा दिया, जबकि यह कुछ घंटों में खत्म होने वाला था। यह कदम तब आया जब ईरान ने उस दूसरे दौर की बातचीत में शामिल होने से इनकार कर दिया था, जिसकी घोषणा ट्रंप ने की थी।
ट्रंप ने ईरान को कई बार चेतावनी दी थी कि अगर उसने उनकी शर्तें नहीं मानीं, तो परिणाम गंभीर होंगे। बाद में उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ सोशल” पर कहा कि क्योंकि “ईरान बुरी तरह बंटा हुआ है”, इसलिए वह संघर्षविराम को तब तक बढ़ा रहे हैं जब तक ईरान एक स्पष्ट और एकजुट रुख नहीं अपनाता।
संघर्ष-विराम बढ़ाने के साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी जारी रख रहे हैं। इसी वजह से ईरान ने इस हफ्ते इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत में हिस्सा नहीं लिया, जिसकी उम्मीद ट्रंप ने जताई थी।
ईरान की सरकारी मीडिया संस्था “प्रेस टीवी” ने कहा कि तेहरान ने साफ तौर पर कहा है कि वह नाकाबंदी हटाए जाने की मांग करता है और “दबाव में आकर बातचीत में वापस नहीं आएगा।”
--आईएएनएस
एवाई/डीएससी