☰
×

मध्य प्रदेश: देवास में शराब तस्करों के ट्रक से कुचलकर थाना प्रभारी की मौत, जांच के लिए एसआईटी गठित

 

देवास, 2 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के देवास जिले में पुलिस स्टेशन प्रभारी की ट्रक से कुचलकर मौत के बाद शराब तस्करी के नेटवर्क की जांच और अवैध रूप से शराब की ढुलाई में शामिल लोगों की पहचान के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

देवास के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आदित्य मिश्रा ने बताया कि एसआईटी शराब के स्रोत, उसके गंतव्य और तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की संभावित संलिप्तता की जांच करेगी।

शराब की तस्करी के खिलाफ रविवार देर रात चलाए गए अभियान के दौरान ट्रक को रोकने की कोशिश में खाटेगांव पुलिस स्टेशन के प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। इस मामले की जांच शुरू की गई है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौम्या जैन ने पुरी की मौत की पुष्टि की। पुलिस के मुताबिक, सूचना मिली थी कि एक ट्रक हरदा से इंदौर होते हुए गुजरात की ओर अवैध रूप से शराब ले जा रहा है। वाहन को रोकने के लिए खाटेगांव, कन्नोद और सतवास पुलिस स्टेशनों के कर्मियों सहित पांच से अधिक पुलिस टीमें गठित की गईं।

एसपी आदित्य मिश्रा ने आईएएनएस को बताया कि देवास जिले के खाटेगांव थाना क्षेत्र में रविवार को एक बेहद चौंकाने वाली और दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। थाना गृह अधिकारी और आसपास के कई थाना क्षेत्रों के एसएचओ को शराब की अवैध तस्करी या परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के लिए नेमावर, कन्नोद और सतवास सहित लगभग पांच टीमें गठित की गईं।

टीमें ट्रक का पीछा कर रही थीं और उसे रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर बैरिकेड भी लगाए गए थे। ऑपरेशन के दौरान, ट्रक चालक हरदा-नेमावर राजमार्ग पर पानी पीने के लिए रुका। जब दिलीप पुरी ने उसके पास जाकर उसे नीचे उतरने को कहा तो चालक ने भागने का प्रयास किया, जिससे झड़प हुई।

इस घटना के दौरान दिलीप पुरी जमीन पर गिर गए और ट्रक का पिछला पहिया उन पर चढ़ गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया। वाहन के एक डिब्बे में शराब छिपाई गई थी। चालक को शुरू में हिरासत में लिया गया था। हालांकि, उसकी गिरफ्तारी से संबंधित परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को हरदा निवासी राहुल जायसवाल का नाम भी मिला है। देवास के शराब तस्करों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

2007 बैच के सब-इंस्पेक्टर दिलीप पुरी खाटेगांव पुलिस स्टेशन के प्रभारी के रूप में कार्यरत थे। इससे पहले वे इंदौर के हीरा नगर और चंदन नगर पुलिस स्टेशनों में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। पोस्टमार्टम के बाद दिलीप पुरी के शव को खाटेगांव पुलिस स्टेशन में रखा गया, जहां स्थानीय निवासियों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी