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नेपाल में हिमस्खलन: हिमलुंग बेस कैंप से कई लोग लापता

 

काठमांडू, 27 सितंबर (आईएएनएस)। नेपाल के मनांग जिले में माउंट हिमलुंग बेस कैंप पर रविवार को आए बर्फीले तूफान (हिमस्खलन) के बाद कई नेपाली एक्सपीडिशन गाइड और कर्मचारी लापता हैं। अभियान से जुड़ी कंपनियों ने यह जानकारी दी है।

चढ़ाई शुरू करने से पहले ये लोग बेस कैंप में रस्सियां लगाने और टेंट लगाने के लिए मौजूद थे।

अभियान से जुड़े आयोजक कंपनी के जनरल मैनेजर बरुन भंडारी ने कहा, "हमें जानकारी मिली है कि बर्फ खिसकने के बाद हमारे 6 से ज्यादा कर्मचारी लापता हैं, लेकिन हम इस संख्या की पुष्टि नहीं कर सकते क्योंकि रविवार सुबह अपने एक कर्मचारी से थोड़ी देर बात की थी, हालांकि इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।"

उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी के 20 से ज्यादा कर्मचारी बेस कैंप वाली टीम का हिस्सा थे।

इसी तरह, एक और कंपनी ने भी पुष्टि की कि उसके कुछ कर्मचारी हिमस्खलन का शिकार हुए हैं, लेकिन उन्होंने संख्या नहीं बताई।

'काठमांडू पोस्ट' ने ट्रेकिंग अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि मनांग के नार फू इलाके में हिमलुंग हिमाल पर हिमस्खलन के बाद करीब 14 नेपाली लापता हैं।

मनांग जिले के चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर मुक्ति प्रसाद खनल ने कहा कि लापता लोगों की संख्या की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है।

उन्होंने कहा, "जिस इलाके में एवलांच हुआ है, वहां बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टर भेजे गए हैं।"

यह घटना नेपाल-चीन सीमा के पास आई भयानक बाढ़ की आपदा के ठीक एक महीने बाद हुई है। उस आपदा में एक बड़े ग्लेशियर के टूटने और भूस्खलन के कारण 1,400 से ज्यादा की मौत हो गई थी और 5,000 से ज्यादा लापता बताए गए।

टूरिज्म, नेपाल की आय के मुख्य स्रोतों में से एक है। भोटेकोशी बाढ़ आपदा के बाद से ही देश पर्यटकों से नेपाल आने की अपील कर रहा है और कह रहा है कि देश के बाकी हिस्से सुरक्षित हैं।

इससे पहले, मनांग जिला प्रशासन कार्यालय ने हिमालय के ऊंचे इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश और बर्फबारी के पूर्वानुमान के कारण 25 से 27 सितंबर तक कई ऊंचाई वाले इलाकों में ट्रेकिंग पर रोक लगा दी थी।

कार्यालय ने कहा कि खराब मौसम के कारण जान-माल के नुकसान के संभावित खतरे को देखते हुए जिला सुरक्षा समिति के फैसले के बाद यह प्रतिबंध लगाया गया था।

नेपाल में 24 सितंबर से देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इसके चलते अधिकारियों ने नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को ऊंचे इलाकों में जाने की सलाह दी है।

--आईएएनएस

केआर/