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छत्तीसगढ़ में बंगाली मजदूरों को हिरासत में लिए जाने पर अधीर रंजन चौधरी ने जताई चिंता, गृह मंत्री शाह को लिखा पत्र

 

कोलकाता, 9 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में बांग्लादेशी होने के शक में बंगाली बोलने वाले मजदूरों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई।

बहरामपुर के पूर्व सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, "मैंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और अन्य राज्यों में बंगाली बोलने वाले भारतीय मजदूरों को कथित तौर पर 'बांग्लादेशी' बताकर उनकी मनमानी प्रोफाइलिंग और हिरासत में लिए जाने की खबरों पर गहरी चिंता जताई है।"

कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनके पास वैध सरकारी आईडी कार्ड हैं, जो उनकी भारतीय नागरिकता साबित करते हैं।

उन्होंने लिखा, "मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों, जिनमें महिलाएं, घरेलू कामगार और गरीब मजदूर शामिल हैं, के पास वैध वोटर आईडी और आधार कार्ड हैं। इन रिपोर्टों के बावजूद बिना उचित सत्यापन के उन्हें हिरासत में परेशान किया जा रहा है, परिवारों को अलग किया जा रहा है और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है।"

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने इस हिरासत को रोकने के लिए गृह मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की।

चौधरी ने कहा, "बंगाली भारत की दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है (9.72 करोड़ से ज़्यादा बोलने वाले) और 8वीं अनुसूची के तहत एक आधिकारिक भाषा है। गृह मंत्रालय को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए, मनमानी हिरासत को रोकना चाहिए और भाषाई प्रोफाइलिंग के खिलाफ कड़े नियम बनाने चाहिए।"

उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, "अगर राज्य बंगाली भाषा को ही खतरा मानता है तो संसद में बंगाली को 8वीं अनुसूची से हटाने का प्रस्ताव लाया जाए। जब ​​तक बंगाली को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है, तब तक किसी भी नागरिक को अपनी मातृभाषा बोलने के लिए अपनी देशभक्ति साबित करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।"

बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद समीरुल इस्लाम ने भी यही मुद्दा उठाया और इस मामले में पश्चिम बंगाल सरकार और छत्तीसगढ़ पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की।

उन्होंने हिरासत में लिए गए मजदूरों की तुरंत रिहाई और अन्य राज्यों में पश्चिम बंगाल के बंगाली भाषी मजदूरों को परेशान किए जाने को रोकने की भी मांग की।

पता चला है कि छत्तीसगढ़ में हिरासत में लिए गए प्रवासी मजदूर मुर्शिदाबाद जिले के सूती पुलिस स्टेशन इलाके के रहने वाले हैं। वे बिलासपुर जिले में फेरीवाले और मजदूर के तौर पर काम कर रहे थे।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी