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टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ी, सेवाश्रय हेल्थ कैंप मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज

 

कोलकाता, 5 जुलाई (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी की मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रही है। सेवाश्रय हेल्थ कैंप मामले में उनके खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है।

इस बार बिष्णुपुर पुलिस स्टेशन ने स्थानीय भाजपा नेता अभिजीत दास (बॉबी) की शिकायत के आधार पर बनर्जी और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।

इस लिस्ट में बनर्जी के फरार एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय और फाल्टा निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल के उम्मीदवार जहांगीर खान का नाम भी शामिल है।

बनर्जी ने अपने डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के लोगों को मुफ्त इलाज देने के लिए 'सेवाश्रय' पहल शुरू की थी। बाद में, यह पहल राज्य भर में अन्य जगहों पर भी आयोजित की गई।

पुलिस के अनुसार, 'सेवाश्रय' और 'सेवाश्रय 2' हेल्थ कैंप के खिलाफ 16 शिकायतें हैं।

इसके आधार पर, बिष्णुपुर पुलिस स्टेशन ने शनिवार रात भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक्स एक्ट, 1994, नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट, 2019 और वेस्ट बंगाल क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन, रेगुलेशन एंड ट्रांसपेरेंसी) एक्ट, 2017 की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की।

आरोपियों की लिस्ट में बनर्जी का नाम सबसे ऊपर है। एफआईआर में कई और नाम भी शामिल हैं। सुमित रॉय और जहांगीर खान के अलावा पूर्व तृणमूल विधायक दिलीप मंडल का नाम भी एफआईआर में आरोपी के तौर पर दर्ज है।

अयन घोष दस्तीदार, शमीम अहमद, गौतम अधिकारी, महबूबुर गायेन, नबकुमार बेटल, बबन गाजी और कई संगठनों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने कुछ अज्ञात आयोजकों, डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और सरकारी कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया है।

हेल्थ कैंप आयोजित करने के लिए फंड के स्रोत की जांच की जा रही है। आरोपियों में से जहांगीर खान और दिलीप मंडल को अलग-अलग मामलों में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, चार्जशीट में बनर्जी को हेल्थ कैंप का मुख्य आयोजक बताया गया है। कहा जाता है कि एक सार्वजनिक हस्ती के तौर पर वे इस कार्यक्रम की योजना बनाने, प्रबंधन और उसे लागू करने में शामिल थे। इसलिए, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

पहली एफआईआर 2 जुलाई को डायमंड हार्बर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। शिकायत करने वालों का आरोप है कि हेल्थ कैंप आयोजित करने में किसी भी नियम का पालन नहीं किया गया और कई का उल्लंघन किया गया। यह कैंप बिना जरूरी मंजूरी के आयोजित किया गया था।

आरोप है कि दवाइयों और मेडिकल उपकरणों के इस्तेमाल के लिए भी मंजूरी नहीं ली गई थी। इस तरह आम लोगों की जान जोखिम में डाली गई।

शिकायत करने वालों के अनुसार, बनर्जी और अन्य लोग एक आपराधिक साजिश में शामिल रहे हैं और उन्होंने अलग-अलग समय और जगहों पर बिना मंजूरी के मेडिकल सेंटर चलाए हैं। शिकायतकर्ता ने धोखाधड़ी, जालसाजी, गैर-कानूनी तरीके से सेवाएं देने और दवाइयों व डायग्नोस्टिक उपकरणों के गैरकानूनी इस्तेमाल का आरोप लगाया है।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी