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एलओपी सतीशन की ‘पुथुयुग यात्रा’ के दौरान मंच पर धक्का-मुक्की, कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान उजागर

 

कोझिकोड, 11 फरवरी (आईएएनएस)। केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन के नेतृत्व में निकाली जा रही ‘पुथुयुग यात्रा’ जहां एक ओर बड़ी भीड़ जुटा रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य कांग्रेस इकाई के भीतर प्रभाव को लेकर चल रही खींचतान भी सामने आ रही है। बुधवार को यहां पास के कुट्टियाडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच पर धक्का-मुक्की की घटना हो गई।

यह यात्रा अप्रैल/मई में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत मानी जा रही है और राज्यभर में निकाली जानी है।

कुट्टियाडी में यात्रा के स्वागत कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक संदेश से ज्यादा ध्यान मंच पर अनुशासन और कार्यक्रम संचालन को लेकर पैदा हुए विवाद ने खींच लिया।

विवाद उस समय शुरू हुआ जब स्वागत सभा की अध्यक्षता कर रहे जिला पार्टी पदाधिकारी प्रमोद कक्काटिल ने सतीशन को संबोधन के लिए आमंत्रित किया।

मंच पर मौजूद वडकारा से सांसद शफी परंबिल, जिन्हें कार्यक्रम में पहले बोलना था, ने इस क्रम पर आपत्ति जताई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब अध्यक्ष ने अगले चरण की घोषणा की तो परंबिल ने माइक्रोफोन के पास पहुंचकर हस्तक्षेप किया।

परंबिल का कहना था कि उन्हें नेता प्रतिपक्ष से पहले बोलना तय था। हालांकि सतीशन को पहले बुलाने के फैसले से असहमति पैदा हो गई।

बाद में जब परंबिल को बोलने के लिए आमंत्रित करने की कोशिश की गई तो उन्होंने देरी पर सवाल उठाते हुए शुरुआत में बोलने से इनकार कर दिया। इस दौरान मंच पर मौजूद नेताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई, क्योंकि वे स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे थे।

हंगामे के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुल्लप्पल्ली रामचंद्रन, जो भीड़भाड़ वाले मंच पर खड़े थे, संतुलन खो बैठे और गिर पड़े। यह दृश्य तेजी से वायरल हुआ और पूरे घटनाक्रम का प्रतीक बन गया।

इस बीच, सतीशन ने अपना संबोधन जारी रखा। बाद में परंबिल ने भी संक्षिप्त टिप्पणी की। उन्होंने ज्यादा विस्तार से कुछ नहीं कहा, लेकिन आगामी विधानसभा चुनावों में 100 सीटें जीतने के लक्ष्य का जिक्र करते हुए संकेत दिया कि कुट्टियाडी को भी उस सूची में शामिल किया जाना चाहिए।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष के. प्रवीण कुमार ने घटना को हल्का बताते हुए कहा कि कार्यक्रम में देरी और उम्मीद से ज्यादा भीड़ के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हुई।

हालांकि, घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए, जिससे विपक्षियों को कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका मिल गया।

केरल कांग्रेस पहले भी भीड़भाड़ वाले मंच और नेताओं के बीच प्रमुखता को लेकर होने वाली खींचतान के कारण आलोचना का सामना करती रही है।

--आईएएनएस

डीएससी